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खड्डा पीएचसी का मामला

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प्रभारी चिकित्साधिकारी को पीएचसी में बंद किया
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आशा कार्यकर्ताओं ने पांच घंटे तक कमरे में लगाया ताला
प्रभारी चिकित्साधिकारी सहित डॉक्टर, फार्मासिस्ट व एलटी भी बंद रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा (कुशीनगर)। आशा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को खड्डा पीएचसी में ताला लगाकर पांच घंटे तक प्रभारी चिकित्साधिकारी, डॉक्टर और फार्मासिस्ट को बंद रखा। कार्यकर्ता बाहर धरना देती रहीं। सूचना पर पहुंचे एसडीएम ने ताला खुलवाया और सभी को बाहर निकाला। एसडीएम के सामने ही बीसीपीएम पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया। एसडीएम ने इस मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपने का आश्वासन दिया। सोमवार दिन के लगभग 11 बजे प्रभारी चिकित्साधिकारी विमलेंदु भूषण, चिकित्साधिकारी आनंद मणि त्रिपाठी, फार्मासिस्ट रविंद्र गुप्ता, एलटी दिग्विजय तिवारी आदि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंदर बैठे थे। तभी आशा कार्यकर्ताओं ने चैनल पर ताला बंद कर दिया। सरोज गिरी के नेतृत्व में शशि पाठक, प्रतिमा तिवारी, संगीता शर्मा, उर्मिला देवी आदि आशा कार्यकर्ता धरने पर बैठ गईं। सूचना पर एसडीएम अरविंद कुमार पहुंचे और समस्या पूछा। आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि दो माह से मानदेय नहीं दिया गया है। उनके तरफ से किए जाने वाले विभिन्न स्वास्थ्य कार्यों के एवज में सरकार की ओर से घोषित धनराशि देने में कटौती की जाती है। आरोप लगाया कि मानदेय से प्रति आशा से 200 रुपये रिश्वत लिया जाता है। क्षेत्र की 243 आशा, बीसीपीएम व अन्य लोगों के कार्य प्रणाली से प्रताड़ित हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी केवल सीएचसी तुर्कहां में बैठते हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं आते हैं। सरकारी कार्यक्रम की कोई जानकारी नहीं दी जाती है। बार-बार शिकायत के बावजूद कोई हल नहीं निकल रहा है। इसके बाद एसडीएम ने आशा कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर ताला खुलवाया और प्रभारी चिकित्साधिकारी व आशा कार्यकर्ताओं से वार्ता की। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि पीएचसी पर इमरजेंसी सेवा जारी करने का आदेश बहुत पहले से है, लेकिन पालन नहीं हो रहा है। इस पर डॉक्टर ने ऐसा कोई भी आदेश नहीं होने की बात कही। इसके बाद एसडीएम ने नाराज होते हुए कार्रवाई की बात कही तो वरिष्ठ लिपिक पत्र लेकर सामने रख दिए। इसके बाद फटकार लगाते हुए आदेश का पालन करने को कहा और आशा कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि सभी मांग व जानकारी की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजकर कार्रवाई कराई जाएगी। इसके बाद आशा कार्यकर्ता मान गईं और 11 बजे से शुरू हुआ धरना शाम चार बजे बंद किया। एसडीएम अरविंद कुमार ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांग को लेकर ताला बंद कर दिया था। बीसीपीएम की तरफ से रिश्वत लेने आदि की शिकायत व मांगपत्र की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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