प्रभारी मंत्री के सामने खुली संगठन, सरकार की पोल
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पडरौना। जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र उर्फ मोती सिंह की मौजूदगी में शुक्रवार को विकास भवन सभागार में हुई भाजपा की बैठक में कार्यकर्ताओं ने संगठन व सरकार को आइना दिखाया। कार्यकर्ताओं ने बिजली कटौती व खनन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जनता को हो रही दिक्कतों को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। एक कार्यकर्ता ने तो चुटकी लेते हुए कहा कि मंत्री जी लाइट नहीं जनरेटर है। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं में नोकझोंक भी हुई। कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को खरी खोटी सुनाई।
सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई बैठक में प्रभारी मंत्री ने कार्यकर्ताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि सरकार की छवि अच्छी बनाने में कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। कार्यकर्ता सरकार के अच्छे कार्यों से जनता को अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता अनुशासित होता है और उसका आचरण सरकार बनने के बाद भी वैसा ही होना चाहिए। बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं से जब समस्याएं पूछी गईं तो मिट्टी व बालू खनन के अलावा बिजली संकट का मुद्दा उठाया गया। प्रभारी मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार में बिजली मिल रही है, तो एक कार्यकर्ता ने तत्काल पलटवार किया कि मंत्री जी लाइट नहीं जनरेटर है। कार्यकर्ताओं ने बालू के अभाव में निर्माण कार्य रुकने व मिट्टी खनन पर रोक से कई अन्य कार्य प्रभावित होने का मामला भी उठाया। बिजली व खनन के मसले को लेकर कई कार्यकर्ताओं में नोकझोंक भी हुई।
नाराज कार्यकर्ताओं को सांसद राजेश पांडेय व जिलाध्यक्ष जयप्रकाश शाही समेत मंचासीन अन्य नेताओं व विधायकों ने समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता जनहित से जुड़े इन मामलों में त्वरित कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए थे। कई कार्यकर्ताओं ने पुलिस समेत अन्य विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों पर उनकी बात नहीं सुनने का आरोप लगाया। इस पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि जो अफसर कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनेगा, उसे कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। इस आश्वासन के साथ ही बैठक खत्म हुई।