कसया। सोमवार की दोपहर में कसया थाना क्षेत्र के चौपरिया व बरवां गांवों समेत कई अन्य स्थानों पर लगी आग से 16 घर व कई एकड़ गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। बरवां जंगल गांव के लोगों ने सड़क के किनारे पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। राजस्व कर्मियों ने क्षति का आकलन कर सरकारी मदद दिलाने का आश्वासन दिया।
कसया थाना क्षेत्र के ग्राम चौपरिया में दोपहर में लगी आग से 16 घर जल गए। अग्निशमन दल ने करीब एक घंटे तक मेहनत कर आग पर काबू पाया। लोगों के अनुसार दिन के करीब दो बजे अमीन पुत्र अहमद के घर से लगी आग ने कुछ ही पल में सरवन, गोरख, पुलिस, आबिद, हुसैन, दरोगा, धर्मेन्द्र, शिव, रमाकांत, सोमनाथ, रामचन्द्र, सुलेमान, वाजिद विधि,शौकत, कलावती आदि के घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। बरवा जंगल गांव निवासी विदेशी के खेत में सोमवार को दोपहर बाद करीब ढाई बजे शार्ट सर्किट के चलते आग लग गई। खेत में खड़ी गेहूं की फसल धू-धू कर जलने लगी। आग को बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। जब तक आग बुझती रामटेक, दूधनाथ, रोहित, वकील, विजय, श्रीकांत, अनवर, रामप्रीत व जसिया की करीब कुल तीन एकड़ गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। फायर ब्रिगेड की गाड़ी देर से पहुंचने से नाराज लोग फोरलेन के किनारे प्रदर्शन करने पहुंचे। तब तक तहसीलदार भी वहां पहुंचे और लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया।
इसके अलावा गोरखपुर मार्ग स्थित एक होटल के बगल में भी शार्ट सर्किट के चलते गेहूं के खेत में आग लग गई जिससे फसल जलकर नष्ट हो गई। इस घटना में विंदवलिया गांव निवासी गोरख का 53 डिस्मिल एवं कसया निवासी मकबूल का 10 डिस्मिल गेहूं जल गया। कसया विद्युत उपकेंद्र में भी शार्ट सर्किट से आग लगी। हालांकि यहां कोई नुकसान नहीं हुआ। तहसीलदार एसपी विश्वकर्मा का कहना है कि हल्का लेखपालों से किसानों की जली गेहूं की फसल की रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। जिससे कि उन्हें तत्काल मदद मुहैया कराया जा सके।