पकवा इनार। राजकीय बौद्ध संग्रहालय कुशीनगर की तरफ से वर्मी बुद्ध विहार में चल रहे पांच दिवसीय भारतीय संस्कृति अभिरुचि पाठ्यक्रम कार्यक्रम के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को छात्र-छात्राओं को सभ्यता व संस्कृति के बीच अंतर को साझा किया गया। इसमें वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति का सशक्त उदाहरण बताया।
मुख्य वक्ता शिक्षा संकाय के सह आचार्य डाॅ. चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि जब से सृष्टि बनी है, तब से समाज है। समाज में साझा संस्कृति को काफी प्रमुखता दी जाती है। इस साझा संस्कृति का जीता जागता उदाहरण है हमारा वर्तमान समाज। उन्होंने भारतीय संस्कृति और समाज में साझा संस्कृति के प्रतिबिंब को भी रेखांकित किया।
संग्रहालय के वरिष्ठ कार्मिक तेज प्रताप शुक्ल ने बताया कि यह कार्यक्रम बच्चों के बीच भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता और रुचि विकसित करने के लिए संस्कृति विभाग करा रहा है। इसमें 85 प्रतिभागियों का समूह सम्मिलित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुशीनगर भिक्षु संघ अध्यक्ष भदंत एबी ज्ञानेश्वर और संचालन तेज प्रताप शुक्ल ने किया। अंत में तरुण शुक्ल ने सभी अतिथियों के प्रति आभार जताया। इस दौरान डॉ. विनोद सिंह, धीरेंद्र मिश्रा, बेग, ललित आदि मौजूद रहे।