फोटो है। बगहां क्षेत्र के बोरवल में स्थित विद्यालय में मध्याह्न भोजन करने के बाद बीमार हुए थे 150 बच्चे
तीन सदस्यीय जांच टीम से तलब की गई रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा। जनपद से सटे बिहार के बगहा क्षेत्र में मध्याह्न भोजन करने से बीमार पड़े 150 बच्चों को बृहस्पतिवार की देर रात अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उससे पहले अस्पताल पहुंचे पश्चिमी चंपारण के डीएम दिनेश राय ने बीमार बच्चों का हाल जाना और तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब की है। शुक्रवार को एक अन्य विद्यालय में बने मध्याह्न भोजन में भी गड़बड़ी मिलने पर परिजनों ने हंगामा किया।
बगहा क्षेत्र के बोरवल गांव में स्थित मध्य विद्यालय में बृहस्पतिवार को मध्याह्न भोजन करने के बाद 150 बच्चे बीमार पड़ गए थे। बगहां अनुमंडल अस्पताल में भर्ती सभी बच्चे इलाज के बाद स्वस्थ हुए तो डॉक्टरों ने देर रात छुट्टी दे दी। उससे पहले रात में ही पश्चिमी चंपारण के जिलाधिकारी दिनेश राय अस्पताल पहुंचे और बच्चों तथा अभिवावकों से घटना के विषय में जानकारी ली। डीएम ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित करते हुए पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
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दूसरे विद्यालय के मध्याह्न भोजन में मिले कीड़े
बगहां अनुमंडल अंतर्गत प्रखंड एक के चखनी रजवटिया पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय पर एमडीएम लेकर पहुंचे एनजीओ की गाड़ी से चावल निकाला गया तो उसमें कीड़े दिखाई दिए। इसके बाद छात्र व परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसकी सूचना पर डायल 112 की पुलिस पहुंची और किसी तरह शांत कराई। इसी तरह सिधांव विद्यालय सहित कुछ अन्य विद्यालयों में भी गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की मांग को लेकर परिजनों ने विरोध जताया। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) मनीष कुमार व दिनेश कुमार ने आक्रोशित अभिवावकों को शांत कराया ।
वितरित नहीं हुआ मध्याह्न भोजन
बृहस्पतिवार को बगहां क्षेत्र के बोरवल स्कूल में मध्याह्न भोजन करने से 150 बच्चों के बीमार पड़ने के दूसरे दिन भोजन वितरित नहीं हुआ। स्कूल के प्रधानाचार्य सुधीर मिश्रा ने बताया कि संबंधित संस्था की ओर से एमडीएम नहीं लाने के कारण शुक्रवार को इसका संचालन नहीं हो पाया।
जांच करने स्कूल पहुंचे अपर एसडीएम तो छह बच्चे मिले बीमार
शुक्रवार को बगहां के अपर एसडीएम सरफराज नवाज मध्य विद्यालय बोरवल का निरीक्षण करने पहुंचे। उस दरम्यान लगभग छह बच्चे अपने को अस्वस्थ महसूस कर रहे थे। इसके बाद डॉक्टर रनवीर सिंह के नेतृत्व में चिकित्सीय टीम ने स्कूल में पहुंचकर इलाज किया। जांच चल रही है।