उतरावल में कथा कहते आचार्य धरणीधर
संतकबीरनगर। विकास खंड बघौली के अंतर्गत कोल्हुआ लकड़ा उतरावल में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में अयोध्या धाम से आए कथा प्रवक्ता डाॅ. धरणीधर जी महाराज ने कहा कि यदि किसी का प्रेम भगवान से लग जाए तो उसका मोक्ष निश्चित है। मनुष्य की शोभा सुंदरता से नहीं, बल्कि आचार-विचार और अच्छे चरित्र से होती है।
भागवत का दूसरा नाम परिधि बताते हुए कहा कि संसार रूपी सीमा को कभी नहीं लांघना चाहिए। परंपरा का निर्वाह और मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। उन्होंने भागवत की महिमा बताते हुए कहा कि जहां अज्ञान का प्रवेश नहीं और आनंद ही आनंद रहता है, वही भागवत रूपी सच्चिदानंद है। भागवत महात्म्य ज्ञान के बिना प्रेम चिरंजीव नहीं होता। यह कथा जीवन जीने और मृत्यु को मंगलमय बनाने का सम्यक बोध कराती है।
उन्होंने श्रोताओं से निर्मल मन और स्थिर चित्त के साथ कथा श्रवण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भगवान की लीलाएं अपरंपार हैं, जो मनुष्य और देवताओं को धर्मानुसार आचरण करने के लिए प्रेरित करती हैं।
इस अवसर पर राधेश्याम राय, लक्ष्मी राय, घनश्याम राय, दुर्गा प्रसाद राय, राकेश राय, संतोष राय, पप्पू राय, श्रीप्रकाश राय, नागेंद्र राय, मोनू राय, रामकेवल राय, अभिषेक राय, अजीत राय आदि लोग मौजूद रहे।