नोटबंदी के बाद से रुपये की किल्लत से जूझ रहे जनपदवासियों की बेबसी ठंड पर भी भारी पड़ती दिख रही है। अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए लोग रुपये निकालने इस ठंड में भी बैंकों पर पहुंच रहे हैं। सभी काम रोककर बैंकों के बाहर लाइन में खड़े होने के बाद भी रुपये न मिलने से खाताधारकों की नाराजगी अब बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध बढ़ने लगी है। ऐसी ही समस्या से जूझ रहे खाताधारकों ने बृहस्पतिवार को जनपद में कई जगह बैंकों के बाहर सड़क जाम कर अपनी नाराजगी जाहिर की।
पडरौना नगर में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, एक्सिस बैंक सहित सभी बैंकों में सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ लगी थी। बैंक खुलते ही ग्राहक अंदर पहुंचे, जहां घंटों लाइन में खड़े रहने पर उन्हें रुपये मिले, वह भी आवश्यकता से काफी कम। नगर में एचडीएफसी बैंक के दोनों एटीएम को छोड़कर अन्य सभी बंद रहे। इंडियन बैंक का एटीएम खुलने पर लंबी लाइन लग गई। करीब एक घंटे तक एटीएम से रुपये मिले और उसके बाद बंद कर दिया।
खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार एसबीआई की खड्डा शाखा में दो दिन से भुगतान न होने से नाराज खाताधारकों ने बृहस्पतिवार को बैंककर्मियों को बैंक के अंदर घुसने नहीं दिया। लोगों ने खड्डा-पडरौना और खड्डा-पनियहवा मार्ग को दो घंटे तक जाम रखा तथा बैंककर्मियों के विरुद्ध नारेबाजी की। सड़क जाम करने वाली गुड्डी देवी, फूलमती, लक्ष्मीना, सबीरुन नेशा, रमेश, जटाशंकर, रुपनारायण सहित कई लोगों का कहना था कि बैंक कर्मचारी जानबूझकर परेशान कर रहे हैं। दोपहर 12 बजे पुलिस सुरक्षा में मैनेजर ने बैंक के अंदर प्रवेश तो किया, लेकिन कैश नहीं होने की बात कहकर भुगतान करने से मना कर दिया। बैंक पहुंचे लोगों को बिना रुपये के ही वापस लौटना पड़ा।
कोटवा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार एसबीआई की कोटवा शाखा पर रुपये न मिलने से नाराज लोगों ने बृहस्पतिवार को 11 बजे घुघली-कोटवा मार्ग जाम कर दिया। सड़क जाम में शामिल किसमती, सबरुन नेशा, आसमां खातून, विजय यादव, शैलेश शर्मा, रामप्रवेश, सर्वजीत, उदयभान, कुंदन सहित कई लोगों का कहना था कि इस बैंक में रुपये न मिलने से लोगों को खाली हाथ ही घर जाना पड़ रहा है। दो घंटे तक सड़क जाम रहने के बाद एसओ श्यामलाल यादव पहुंचे। उन्होंने खाताधारकों को समझाकर जाम समाप्त कराया।
जटहां बाजार प्रतिनिधि के अनुसार सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की सोहरौना शाखा में कैश नहीं मिलने से नाराज लोगों ने बृहस्पतिवार को बैंक का ताला ही नहीं खुलने दिया। 11 बजे पहुंचे बैंककर्मियों ने जब यह बताया कि रुपये नहीं हैं तो खाताधारक भड़क उठे। लोगों ने खिरकिया-बांसी मार्ग को जाम कर धरना शुरू कर दिया। उनकी नाराजगी देख बैंककर्मी वहां से खिसक लिए। चार घंटे बाद मौके पर कोतवाल पहुंचे और शुक्रवार को भुगतान कराने का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया। इस विरोध प्रदर्शन में सुधीर गुप्त, शुकरुल्लाह, छोटेलाल सहित कई लोगों का आरोप था कि बैंककर्मी लाइन में खड़े जरूरतमंद लोगों को कैश न देकर प्रभावशाली व्यक्तियों को दे रहे हैं।
फाजिलनगर प्रतिनिधि के अनुसार ठंड में सेंट्रल बैंक के बाहर सुबह से ही लाइन में खड़े लोग बैंक खुलते ही नो कैश की सूचना चस्पा होते देख गुस्सा गए। नाराज लोगों ने फोरलेन जाम कर दिया। फाजिलनगर चौकी प्रभारी अजय यादव ने मान मनौवल किया, इससे दो घंटे बाद सड़क जाम समाप्त हुआ। इस बीच फोरलेन पर वाहनों का रेला लगा रहा। जाम में व्यापार मंडल अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव, महामंत्री व्यास सिंह, विजय सिंह, सोनू जायसवाल, राधेश्याम मद्धेशिया, व्यापारी नेता दिलीप जायसवाल, अंकित सिंह, छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष दिनेश सिंह, नसीम अहमद, ओमप्रकाश रौनियार सहित कई लोग शामिल थे।
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार पीएनबी की सेवरही शाखा में रुपये के लिए सुबह से ही लाइन में खड़ी चखनी दुखी मिश्र गांव की आयशा खातून नाम की एक महिला भीड़ में दबने से बेहोश हो गई। बैंक में मौजूद लोगों ने कर्मचारियों पर धीमी गति से काम करने का आरोप लगाकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर सेवरही थाने की पुलिस पहुंच गई और लोगों को शांत कराई। सभी महिलाओं का पासबुक जमा करा लिया गया और उन्हें भुगतान किया गया।
दुदही प्रतिनिधि के अनुसार एसबीआई की दुदही शाखा का ताला बृहस्पतिवार को दिन के दो बजे तक नहीं खुला। ठंड के बावजूद सुबह से ही लाइन में खड़े खाताधारक बैंककर्मियों पर मनमानी का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। भीड़ में शामिल लोगों ने बैंक के मुख्य गेट पर लगे शटर को ईट से तोड़ना शुरू किया। खाताधारकों के उग्र तेवर देख वहां मौजूद बैंक के कुछ कर्मचारी खिसक लिए। लोगों को हंगामा करते देख भीड़ भी उन्हें रोकने की हिम्मत नहीं जुटा सकी। वहां मौजूद कुछ अन्य लोगों ने शटर तोड़ रहे लोगों को शांत कराया। लोग कैश देने की मांग कर रहे थे। इसलिए बैंक नहीं खुला। दुदही की पीएनबी शाखा के बाहर भोर के चार बजे से ही लाइन में खड़े एक युवक ने बैंक खुलते ही अंदर घुसने का प्रयास किया। इस पर एक दरोगा और सिपाही उसे अपराधी की तरह पीटने लगे। अन्य लोगों के विरोध करने पर पुलिसकर्मी शांत हुए।
तमकुहीराज प्रतिनिधि के अनुसार सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की तमकुहीराज शाखा में नो कैश का बोर्ड देखकर भीड़ उग्र हो गई। नाराज लोगों ने फोरलेन जाम कर दिया। जाम के कई घंटे बीतने के बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे एनएच पर दोनों तरफ गाडिय़ां दूर तक खड़ी रहीं। जाम की वजह से एंबुलेंस और विदेशी पर्यटकों को भी घंटों फ ंसे रहना पड़ा। बाद में एसडीएम तमकुहीराज विपिन कुमार व सीओ जर्नादन तिवारी पहुंचे और लोगों को समझाकर जाम समाप्त कराया।
कुबेरस्थान प्रतिनिधि के अनुसार एसबीआई में सुबह से लाइन में खड़े कुछ लोगों को एक-एक हजार रुपये से संतोष करना पड़ा, जबकि अधिकतर लोग खाली हाथ ही लौटे। कठकुइयां बाजार स्थित सेंट्रल बैंक रुपये के अभाव में पिछले तीन दिनों से बंद है। रुपये लेने आए लोगों को हर दिन खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। लुअठहां गांव की निवासी रीना अपने घर से दस किलोमीटर की दूरी तय कर लगातार तीन दिन से अपने गोद के बच्चे का इलाज कराने के लिए आ रही हैं। बैंक में उनका रुपया होते हुए भी बच्चे का इलाज नहीं करा पा रही हैं। बरवां निवासी वृद्ध समिंता और शांति का कहना है कि पांच किलोमीटर से रोज बैंक पर रुपये के लिए आ रही हैं, लेकिन रोज बैंक पर ताला लटकता मिलता है। कसया प्रतिनिधि के अनुसार रुपये नहीं मिलने से खाताधारकों का गुस्सा एसबीआई के शाखा प्रबंधक और बैंक कर्मचारियों पर जाहिर हुआ। सुबह 10.30 बजे खाताधारकों ने एसबीआई के बैंककर्मियों के खिलाफ कसया-पडरौना एनएच जाम कर दिया। इससे करीब एक घंटे तक आवागमन बाधित रहा। एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ल, सीओ राघवेंद्र चतुर्वेदी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर ग्राहकों से वार्ता की और जाम समाप्त कराया। एचएच को जाम करने वाले लोगों का आरोप था कि बैंक कर्मचारियों के गड़बड़ी करने के कारण खाताधारकों को रुपये नहीं मिल पा रहे हैं।