मेडिकल कॉलेज परिसर में मरीज की फेफड़े से पानी निकालते चिकित्सक।संवाद
पडरौना। यदि आपको खांसी और बुखार के साथ वजन कम हो रहा है तो उसे हल्के में न लें। आपको प्लूरल इन्फ्यूजन हो सकता है। मेडिकल कॉलेज के चेस्ट विभाग में इस तरह के दो से तीन मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। वैसे यह बीमारी टीबी, कैंसर, इन्फेक्शन की वजह से होती है। शुरुआत में फेफड़े में पानी भर जाता है। डॉक्टर का कहना है कि यदि समय पर इलाज नहीं हुआ तो बीमारी गंभीर रूप से ले सकती है, जिससे जान भी जा सकती है।
मेडिकल कॉलेज के चेस्ट विभाग के वरिष्ठ चेस्ट फिजिशियन डॉ. उपेंद्र चौधरी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के चेस्ट विभाग में हर दिन करीब 150 से 200 मरीज आते हैं। इनमें से प्लूरल इन्फ्यूजन के दो से तीन मरीज मिलते हैं। उन्होंने बताया कि खांसी, बुखार और वजन कम होना प्लूरल इन्फ्यूजन (फेफड़ों के बाहर पानी भरना) के लक्षण हो सकते हैं। यह टीबी, निमोनिया या फेफड़ों के कैंसर जैसी गंभीर अंतर्निहित स्थितियों का संकेत हो सकता है। उन्होंने बताया कि यदि ये लक्षण दो सप्ताह से अधिक रहें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं। उन्होंने बताया कि शुरूआत में सीने में दर्द, सांस फूलना, और थकान महसूस होगा। लगातार बुखार, वजन में कमी और खांसी टीबी या फेफड़ों की गंभीर सूजन हो तो ऐसी स्थिति को डॉक्टर गंभीर मानते हैं। यदि इस तरह के लक्षण दिखे तो बिना देरी किए पल्मोनोलॉजिस्ट (फेफड़ों के विशेषज्ञ) से मिलें। छाती का एक्स-रे या सीटी स्कैन करवाएं।