हाटा। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई का माहौल बनाने के लिए विभाग की ओर से किए जा रहे तमाम दावे केवल कागजी साबित हो रहे हैं। मौके पर हालात बहुत बेहतर नहीं हैं। शिक्षकों का स्कूल जाना या न जाना उनकी खुद की मर्जी पर निर्भर है। अध्यापकों की उदासीनता के कारण बच्चे भी नहीं आ रहे हैं। मंगलवार को हाटा ब्लाक के चार विद्यालयों की स्थिति देखी गई। एक विद्यालय पर चार शिक्षक मौजूद थे, लेकिन बच्चे एक भी नहीं थे। तीन अन्य स्कूलों में भी हालात बहुत बेहतर नजर नहीं आए।
हाटा कस्बे से सटे बाघनाथ में स्थित प्राथमिक विद्यालय में कुल चार शिक्षकों की तैनाती है। सुबह साढ़े आठ बजे यहां केवल शिक्षिका मधु सिंह ही मौजूद थीं। अन्य अध्यापक अभी स्कूल नहीं पहुंचे थे। मधु सिंह ने बताया कि पिछने वर्ष 101 बच्चों का नामांकन था, इस वर्ष 58 बच्चों को नामांकन हो चुका है, हालांकि उस वक्त विद्यालय में केवल 34 बच्चे ही मौजूद थे।
हाटा-गौरी बाजार मार्ग पर सड़क से सटे ही मदरहा प्राथमिक विद्यालय स्थित है। इस विद्यालय पर भी चार शिक्षकों की तैनाती है। सुबह सवा नौ बजे तक इस विद्यालय में एक भी बच्चे मौजूद नहीं थे। प्रधानाध्यापिका सुदामी देवी समेत चारों शिक्षक बरामदे में बात करके वक्त काट रहे थे। प्रधानाध्यापिका का कहना था कि बच्चे अभी पहुंचे नहीं हैं। कुछ देर में आ जाएंगे।
हाटा नगर पालिका क्षेत्र के रामपुर महारथ प्राथमिक विद्यालय पर सुबह के पौने दस बजे बच्चे क्लास रूम से बाहर खेल रहे थे। एक अध्यापिका और कुछ बच्चे बरामद में बैठे थे। अध्यापिका का कहना था कि यहां दो लोगों की तैनाती है जिनमें से एक की तबियत खराब होने की वजह से स्कूल नहीं आई हैं। नामांकित बच्चों की संख्या 49 बताई गई जबकि 25 बच्चे ही मौजूद थे।
हाटा ब्लाक के मिश्र ढाढ़ा गांव के प्राथमिक विद्यालय में सुबह करीब साढ़े दस बजे 45 बच्चे मौजूद थे। चार दिन पहले ही यहां से स्कूल चलो अभियान की रैली निकाली गई थी। लेकिन इसका कोई खास असर नहीं दिखा। नामांकित 95 बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रधानाध्यापक समेत छह अध्यापक हैं। परंतु तीन अध्यापिकाएं ही विद्यालय में मौजूद थीं। दो अध्यापकों के अवकाश पर होने की बात कही जा रही थी। प्रधानाध्यापक एमडीएम के लिए लकड़ी की व्यवस्था करने गए हुए थे।
खंड शिक्षा अधिकारी हाटा घनश्याम वर्मा का कहना है कि प्रत्येक स्कूल में इस बार पिछले वर्ष से 10 अधिक बच्चों का नामांकन किया जाना है। जिन विद्यालयों में शिक्षकों व बच्चों की उपस्थिति नहीं रही है, उनकी जांच की जाएगी। दोषी शिक्षकों के खिलाफ विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।