पडरौना। जिले में स्वच्छता अभियानों को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से डीएम महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वच्छता समिति की बैठक हुई। इस दौरान पंचायत सहायकों के लंबित मानदेय भुगतान पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि यदि 22 जनवरी तक किसी भी विकास खंड में भुगतान लंबित पाया गया, तो संबंधित खंड विकास अधिकारी का वेतन रोक दिया जाएगा।
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत संचालित योजनाओं, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त अभियान तथा ग्राम पंचायतों में चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा जन आंदोलन है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्वच्छता मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। कूड़ा निस्तारण व्यवस्था, व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालयों के निर्माण, रखरखाव और नियमित निगरानी पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने जनजागरूकता कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं सामुदायिक स्थलों पर साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि टीम भावना के साथ कार्य करते हुए हर ग्राम पंचायत को “आदर्श स्वच्छ ग्राम” के रूप में विकसित करने का लक्ष्य तय किया जाए। विकास खंड विशुनपुरा के सिंघा पट्टी में खेल मैदान, कॉम्प्लेक्स निर्माण और मेले के दौरान भीड़ को देखते हुए शौचालय निर्माण जैसे कार्यों को क्षेत्र पंचायत की योजनाओं में शामिल कर शीघ्र क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।