रामकोला। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव से गायब किशोरी के मामले में पीड़ित के घर जा रहे हियुवा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गांव से पहले ही रोक दिया। नाराज कार्यकर्ताओं ने सड़क जामकर वहीं सभा शुरू कर दी। करीब चार घंटे बाद सीओ कसया ने आरोपी के गिरफ्तारी की सूचना देकर आंदोलन समाप्त कराया।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी बीते एक जुलाई से ही लापता है। आरोप है कि दूसरे वर्ग के एक युवक ने किशोरी को बहला-फुसलाकर गायब कर दिया है। इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर हियुवा ने बुधवार को गांव पहुंचकर हिंदू महापंचायत की घोषणा कर रखी थी। बुधवार को सुबह 10 बजे हियुवा कार्यकर्ता कप्तानगंज कस्बा स्थित पीडब्ल्यूडी डाकबंगले पर जुटे और फिर वहां से जुलूस की शक्ल में गांव की तरफ चल दिए। कारीतीन गांव के पास पुलिस ने जुलूस को रोक दिया। यहां पुलिस कर्मियों और हियुवा नेताओं ने तीखी नोकझोंक हुई। रोके जाने से नाराज हियुवा नेता वहीं सड़क पर बैठकर सभा करने लगे।
धरने और सभा को संबोधित करते हिए हियुवा के जिला प्रभारी अजय गोविंद राव शिशु ने कहा कि हिंदू उत्पीड़न की घटनाएं चरम पर पहुंच चुकी हैं। पुलिस खुलेआम पक्षपात कर रही है। जिला सह संयोजक शेषमणि गौड़ ने कहा कि पुलिस गुनहगारों को बचा रही है और बेगुनाह परेशान किए जा रहे हैं। जिलाध्यक्ष संजय सिंह मुन्ना ने कहा कि प्रशासन सत्ता के दबाव में अभियुक्त का साथ दे रही है। करीब चार घंटे बाद वहां पहुंचे सीओ कसया राघवेंद्र चतुर्वेदी और एसडीएम कप्तानगंज अरुण कुमार ने आरोपी की गिरफ्तार कर लिए जाने की सूचना देकर आंदोलन समाप्त कराया। इस दौरान राजन जायसवाल, रविंद्र सिंह, चन्द्रप्रकाश चमन, फूलबदन कुशवाहा, विशाल सिंह, बैजनाथ गुप्त, कुनाल राव, दीपक शर्मा, भरत गुप्ता, भजुराम यादव, झब्बर यादव समेत कई लोग मौजूद रहे।