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Kushinagar News: आग से झोपड़ी जली, मवेशी की मौत

Thu, 18 Apr 2024 04:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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तमकुहीराज। स्थानीय थाना क्षेत्र के गोड़इता श्रीराम में बुधवार को अज्ञात कारणों से लगी आग में एक झोपड़ी और उसमें रखा सामान जलकर राख हो गया। इस आगलगी में एक मवेशी की झुलसकर मौत हो गई। जबकि एक किशोरी आंशिक रूप से झुलस गई। गोड़इता श्रीराम निवासी रामअवधेश ठाकुर की झोपड़ी में अज्ञात कारणों से आग लग गई। झोपड़ी में बंधे मवेशी की झुलसने से मौत हो गई। वहीं, मवेशी को बचाने के प्रयास में अन्नू उम्र 12 वर्ष भी आंशिक रूप से झुलस गई। झोपड़ी के अगल-बगल पक्का मकान होने से आग फैलने से रूक गई। गांववालों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। संवाद
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फसल और सब्जियों की सिंचाई में परेशानी
पटहेरवा। नहर में पानी नहीं आने से किसानों को गन्ने की फसल और सब्जियों की सिंचाई में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में किसान पंपिंग सेट चलाकर फसलों की महंगी सिंचाई करनी पड़ रही है।क्षेत्र के किसान पप्पू राय, ब्रजेश पांडेय, सुदर्शन चौरसिया, रामसकल तिवारी, अखिलेश तिवारी, लक्ष्मण यादव, सुरेंद्र यादव आदि का कहना था कि गर्मी और तेज धूप के कारण खेतों की नमी जल्द ही सूख जा रही है।नहरों में पानी होता तो सिंचाई आसान था, लेकिन इस समय वह महंगी सिंचाई करने को मजबूर हैं। किसानों ने शीघ्र नहरों में पानी छोड़ने की मांग की है। संवाद
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26 अप्रैल तक सात फीडरों की आपूर्ति होगी प्रभावित
फाजिलनगर। स्थानीय बिजली उपकेंद्र से सात फीडरों की सप्लाई गुरुवार से 26 अप्रैल तक दिन के दस बजे से शाम के चार बजे तक बिजली आपूर्ति बन्द रहेगी। इसकी जानकारी देते हुए फाजिलनगर उपकेंद्र के अवर अभियंता संदीप कुमार ने बताया कि कसया से आने वाले 33 हजार सप्लाई का तार व पोल बदलने का कार्य कराया जायेगा। इससे आपूर्ति प्रभावित होगी। संवाद
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कवि धरीक्षण मिश्र की जयंती मनाई
तमकुहीराज। चैत्र रामनवमी को क्षेत्र के भोजपुरी आचार्य कवि धरीक्षण मिश्र की 124वीं जयंती उनके पैतृक गांव कोइंदी बरियारपुर स्थित कुटिया में मनाई गई। गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. रामदेव शुक्ल ने कहा कि स्व. मिश्र भोजपुरी काव्य के अद्वितीय रचनाकार रहे। उन्होंने भोजपुरी को अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाई, जिसमें उनकी रचनाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उनका व्यक्तित्व अनुकरणीय है। किसान पीजी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. वेदप्रकाश पांडेय ने भोजपुरी आचार्य से जुड़ी स्मृतियों को साझा किया। कार्यक्रम को डॉ. सुधाकर तिवारी, डॉ. उमाकांत राय, डॉ. विवेक पांडेय, कैलाशनाथ मिश्र, विद्याभाष्कर मिश्र, जितेन्द्र मिश्र आदि ने भी संबोधित किया। संवाद
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