पडरौना। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के महुअवा स्थित कंपोजिट जूनियर हाईस्कूल में कक्षा सात की छात्रा नेहा भारती की मौत के मामले में उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। दिल्ली निवासी सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णा राजपूत की शिकायत पर आयोग ने बेसिक शिक्षा अधिकारी कुशीनगर को नोटिस जारी कर मामले की जांच कराने और रिपोर्ट नौ दिसंबर तक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 10 दिसंबर को होगी।
शिकायत के अनुसार, 23 सितंबर को विद्यालय समय में 13 वर्षीय नेहा अचानक बेहोश हो गई थी। उसे उपचार के लिए ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज पडरौना रेफर किया गया लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। नेहा रामकोला क्षेत्र के अहिर टोली, रामपुर भट्ठ की रहने वाली थी।
बीएसए अनिल कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें मानवाधिकार आयोग की ओर से नोटिस जारी होने की जानकारी नहीं है। आयोग की ओर से कोई निर्देश मिलने पर उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
एकमात्र शिक्षक के बाहर होने का आरोप
शिकायत में विद्यालय की निगरानी और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि घटना के समय विद्यालय में तैनात एकमात्र शिक्षक सरकारी कार्य से बाहर थे। ऐसे में छात्रा की देखरेख और उसे समय पर चिकित्सा सहायता मिलने को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं। मामले के सामने आने के बाद बीएसए ने संबंधित शिक्षक को निलंबित कर दिया था। प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति भी गठित की गई थी।
शिकायतकर्ता को भी जांच में शामिल करने का निर्देश
सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णा राजपूत ने 25 सितंबर को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर छात्र-छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की थी। आयोग ने 28 सितंबर को बीएसए को नोटिस जारी किया। आयोग ने जांच में शिकायतकर्ता को भी शामिल करने और निर्धारित समय में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।