कप्तानगंज। रोजगार और कामकाज के सिलसिले में परदेस लौटने वाले यात्रियों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। रेलवे स्टेशन पर दो-दो दिन कतार में खड़े होने के बाद भी कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है। तत्काल काउंटर खुलते ही सीटें फुल हो जा रही हैं। कतार में घंटों इंतजार के बाद बिना टिकट लौटना पड़ रहा है।
कप्तानगंज रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली लगभग सभी प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनें 30 जुलाई तक फुल हैं। यहां से लंबी दूरी की कई ट्रेनें गुजरती हैं। स्टेशन पर हर समय यात्रियों की भीड़ रहती है। यहां ट्रेन पकड़ने के लिए महराजगंज और नेपाल तक के भी यात्री आते हैं।
स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन पर सिर्फ एक ही टिकट काउंटर संचालित होने के कारण अव्यवस्था बनी रहती है। जैसे ही तत्काल के लिए आईआरसीटीसी की वेबसाइट और सर्वर खुलता है, देखते ही देखते सीटें वेटिंग में चली जाती हैं, जिससे दूर-दराज से आए यात्रियों को टिकट नहीं मिल पाता।
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यहां से गुजरने वाली ट्रेनों की स्थिति
दिल्ली जाने वाली सत्याग्रह एक्सप्रेस के स्लीपर में 10, थर्ड एसी व सेकंड एसी में 5-5 वेटिंग है। दिल्ली से कप्तानगंज आने वाली सत्याग्रह में भी 10 वेटिंग है। सप्तक्रांति एक्सप्रेस में स्लीपर मेंं 35, थर्ड एसी में 15 और सेकंड एसी में 12 वेटिंग है। वापसी में स्लीपर में 15, थर्ड एसी में 10 व सेकंड एसी में 5 वेटिंग है। अमृतसर एक्सप्रेस में 51 वेटिंग, पूर्वांचल एक्सप्रेस (कोलकाता) में 15 वेटिंग और मुंबई जाने वाली अवध एक्सप्रेस स्लीपर में 20, थर्ड एसी में 15 व सेकंड एसी में 10 वेटिंग है। वापसी में स्लीपर 25, थर्ड एसी 10 व सेकंड एसी में 5 वेटिंग है। जम्मू जाने वाली अमरनाथ एक्सप्रेस की सभी श्रेणियों में नो सीट है। श्री माता वैष्णो देवी कामाख्या एक्सप्रेस में 29 जुलाई तक स्लीपर में 38, थर्ड एसी में 25 और सेकंड एसी में 12 वेटिंग है।
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कहते हैं यात्री:
गोरखपुर से मुंबई जाने के लिए तत्काल टिकट की आस में रविवार सुबह से ही कतार में लग गया था। दूसरे नंबर पर होने के बावजूद जब तक मेरा नंबर आया, तब तक 22 नंबर वेटिंग हो गई।- अजय, निवासी महराजगंज
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गोरखपुर से मुंबई की कंफर्म टिकट के लिए रविवार सुबह 11 बजे से ही नंबर लगा दिया था। लाइन में तीसरे स्थान पर होने के बाद भी काउंटर पर पहुंचते-पहुंचते 44 नंबर वेटिंग हो गई। बिना टिकट लौटना पड़ा। -सलाउद्दीन अली, निवासी खानपुर