पिपरा बाजार। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के कोटवा के खुशी अस्पताल में प्रसव के दौरान हुई जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में पुलिस ने सोमवार को संचालक राजू श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।
मठिया बुजुर्ग गांव निवासी दीनदयाल की 25 वर्षीय पत्नी नीतू को नौ मार्च की रात प्रसव पीड़ा होने पर परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खड्डा लेकर पहुंचे थे। वहां चिकित्सकों ने महिला की हालत गंभीर बताते हुए उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। आरोप है कि परिजन मेडिकल कॉलेज न ले जाकर दलाल के चक्कर में पड़ गए और नीतू को कोटवा स्थित खुशी हॉस्पिटल में भर्ती करा दिए। पुलिस के अनुसार अस्पताल संचालक ने कथित तौर पर दस हजार रुपये लेकर महिला का प्रसव कराया। प्रसव के दौरान महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। कुछ देर बाद जच्चा और नवजात की मौत हो गई। इस मामले में परिजन हॉस्पिटल के पास शव रखकर काफी देर तक हंगामा किए,संचालक व स्टाफ हॉस्पिटल बंद कर फरार हो गए थे, मामला बढ़ता देख सीएमओ केे निर्देश पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हॉस्पिटल को सील कर दिया। पुलिस इस मामले में हॉस्पिटल संचालक राजू श्रीवास्तव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किया था। स्वास्थ्य विभाग टीम की ओर से किए गए जांच रिपोर्ट को पुलिस विवेचना में शामिल किया। नेबुआ नौरंगिया थानाध्यक्ष संजय दुबे ने बताया कि आरोपी हॉस्पिटल संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।