अब नारायणी की उफान से लोगों को बचाएंगे होमगार्ड
- बाढ़ से बचाव को मिलेंगी तीन मोटरवोट, दक्ष किए जाएंगे होमगार्ड
राकेश कुमार गौंड़
पडरौना। सदानीरा और नारायणी जैसे नामों से जानी जाने वाली बड़ी गंडक नदी की बाढ़ से किनारे बसे लोगों को महफूज रखने के लिए शासन-प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मोटरबोट मुहैया कराने से लेकर इन्हें संचालित करने और लोगों को बचाने के लिए होमगार्डों को एनडीआरएफ की टीम गोताखोरी सिखाएगी। इसके लिए एडीएम ने जिला कमांडेंट होमगार्ड को 25 से 45 वर्ष तक के होमगार्डों की सूची उपलब्ध कराने को पत्र लिखा है।
बड़ी गंडक खड्डा, पडरौना एवं तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में हर साल तबाही मचाती है। इस बार लोगों बाढ़ से बचाने के लिए शासन-प्रशासन की तरफ से तीन मोटरवोट मुहैया कराई जाएंगी। इसके अलावा एक जीरो प्वाइंट पर खड़ी रहेगी। मोटरबोटों को संचालन और गोताखोरी के लिए होमगार्डों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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नौ होमगार्डों को दिया जाएगा प्रशिक्षण-
आपदा विशेषज्ञ रवि राय ने बताया कि बाढ़ से बचाव के लिए लगने वाले तीन मोटरवोटों पर तीन-तीन होमगार्डों की ड्यूटी रहेगी। हर होमगार्ड आठ-आठ घंटे के शिफ्ट में काम करेंगे।
210 लेखपाल किए जाएंगे प्रशिक्षित
बाढ़ के दौरान बचाव कार्य में लेखपालों की मदद भी ली जाएगी। इसके लिए दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य संस्थान की तरफ से 17 से 21 जून तक लखनऊ में एक तहसीलदार, एक नायब तहसीलदार और तीन कानूनगो को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इनके जरिए जनपद के 210 लेखपालों को बाढ़ बचाव का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मोटरवोट के लिए टेंडर निकाला जाएगा। इन्हें संचालित करने के साथ बचाव कार्य के लिए नौ होमगार्डों प्रशिक्षित किए जाएंगे। इसके लिए जिला कमांडेंट होमगार्ड को पत्र लिखा गया है। इन्हें एनडीआरएफ गोरखपुर की टीम प्रशिक्षण देगी। बाढ़ से बचाव के लिए शासन प्रशासन अभी से सतर्क है।
विंध्यवासिनी राय,
एडीएम/आपदा राहत अधिकारी।