कसया नगर में शहीद अमीय चौक के पास लगा होर्डिंग। संवाद
कसया/खड्डा। बारिश और तेज आंधी के दौरान सड़क किनारे लगे बड़े-बड़े होर्डिंग और विज्ञापन बोर्ड हादसों का कारण बन सकते हैं। कमजोर पोल, जंग लगे लोहे के ढांचे और बिना पर्याप्त सहारे के लगाए गए बोर्ड तेज हवा में गिरकर राहगीरों, वाहन चालकों और दुकानदारों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।
इसके बावजूद कसया से पडरौना और देवरिया मार्ग तक जगह-जगह विज्ञापन बोर्ड लगे हुए हैं। खड्डा नगर पंचायत क्षेत्र में भी बिजली के खंभों, पथ प्रकाश के पोल, पेड़ों और चौक-चौराहों पर बैनर-पोस्टर टंगे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि होर्डिंग गिरने से हादसा होने पर जिम्मेदारी किसकी होगी। कसया नगर में गोरखपुर मार्ग से लेकर प्रमुख बाजारों और व्यस्त सड़कों तक होर्डिंग की भरमार है। कई स्थानों पर विज्ञापन बोर्ड पेड़ों और पोल के सहारे लगाए गए हैं। इनकी मजबूती, लोहे के ढांचे की स्थिति और जमीन में पोल की पकड़ की जांच जरूरी है। सड़क के ऊपर या किनारे लगे होर्डिंग गिरने से यातायात बाधित होने के साथ बड़ा हादसा भी हो सकता है। कसया के गोरखपुर मार्ग पर पिछली बारिश के दौरान पेड़ गिरने से एक दुकान क्षतिग्रस्त हो गई थी। यह घटना सड़क किनारे मौजूद पेड़ों और अन्य संरचनाओं से पैदा होने वाले खतरे की ओर ध्यान दिलाती है। लोहिया पुल के समीप पेड़ और पोल के सहारे लगे होर्डिंग की भी जांच की जरूरत है। पडरौना मार्ग पर कसाडा चौक और नवीन सब्जी मंडी के पास, देवरिया मार्ग पर दीवानी कचहरी के समीप, गांधी चौक, सपहा मार्ग के बाईपास और गोपालगढ़ क्षेत्र में भी विज्ञापन बोर्ड लगे हैं। इन स्थानों पर लोगों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में होर्डिंग की संरचनात्मक मजबूती की अनदेखी भारी पड़ सकती है।