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हाइवे चौडा करने के लिए काटे जाएंगे 22 हजार पेड़ 

Sun, 04 Mar 2018 11:39 PM IST
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
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हाइवे - फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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पडरौना। आवागमन को और बेहतर बनाने के लिए जिले की दो सड़कों कसया-पडरौना-पनियहवां (एनएच 28 बी) और पडरौना-कप्तानगंज मार्ग को चौड़ा किया जाना है। परंतु इसके लिए लगभग 90 किमी की लंबाई में मौजूद 22 हजार पेड़ों को काटना पड़ेगा। एनएचएआई की तरफ से सड़क चौड़ीकरण के इस प्रस्ताव पर वन विभाग ने पेड़ों को काटने की अनुमति के लिए शासन को पत्रावली भेज दी है। वहां से अनुमति मिलते ही इन दोनों सड़कों के किनारे लगे पेड़ों को काटने का कार्य शुरू हो जाएगा। इससे पहले लखनऊ-मुजफ्फरपुर हाइवे (एनएच 28) को भी चौड़ा करने के लिए बड़ी संख्या में पेड़ काटे जा चुके हैं। 
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कुशीनगर में फोरलेन से निकलकर कसया-पडरौना होते हुए पनियहवा स्थित छितौनी-बगहा रेल पुल को पार करके एनएच 28 बी बिहार प्रांत की तरफ जाती है। इस सड़क को एनएच का दर्जा मिलने के बाद टू लेन में तब्दील किया जा चुका है। परंतु अब इसे और चौड़ा करके फोरलेन के बराबर बनाने का प्रस्ताव है। इसी तरह पडरौना से कप्तानगंज होते हुए महराजगंज व सिद्घार्थनगर समेत कई जिलों को जोड़ने वाली सड़क को भी एनएच का दर्जा मिल चुका है और इसके चौड़ीकरण का भी प्रस्ताव है। यह सड़क भी कुछ वर्ष पहले ही टू लेन में तब्दील हुई है। अब इसे और चौड़ा किया जाना है। 

वन विभाग के सूत्रों के अनुसार कुशीनगर से पनियहवा तक एनएच-28बी करीब 60 किमी और पडरौना से कप्तानगंज तक करीब 30 किमी सड़क के चौड़ीकरण में किनारे लगे पेड़ बाधक बन रहे हैं। इसे काटने के लिए वन विभाग को एक प्रस्ताव मिला है। सड़क को चौड़ा किए जाने से आवागमन की सहूलियत तो होगी लेकिन पेड़ कटने से पर्यावरण पर गहरा असर पड़ेगा। वन विभाग ने जो आकलन तैयार है उसके अनुसार लगभग 22 हजार पेड़ इसकी जद में आ रहे हैं। इन पेड़ों को काटने की अनुमति के लिए वन विभाग ने शासन से अनुमति के लिए पत्रावली भेज दी है। 
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एक दशक पहले जब लखनऊ-मुजफ्फरपुर हाइवे एनएच 28 को फोरलेन में तब्दील किया गया था तब सुकरौली से लेकर सलेमगढ़ तक बड़ी संख्या में पेड़ काटे गए थे। हालांकि तब शासन ने काटे गए पेड़ों के बदले नए पौधे लगाने की बात कही थी। बजट में उसके लिए प्रावधान भी किया गया था लेकिन जिस अनुपात में पेड़ काटे गए, उसकी आधी संख्या में भी नए पेड़ नहीं लगाए गए। 

सड़क चौड़ीकरण के लिए पेड़ काटने संबंधी मामले पर डीएफओ बोनिक चंद्र का कहना है कि दोनों सड़कों के चौड़ीकरण के लिए पेड़ काटना होगा। आकलन के अनुसार करीब 22 हजार पेड़ इसकी जद में आ रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में पेड़ काटने की अनुमति के लिए शासन को पत्रावली भेजी गई है। जितने पेड़ कटेंगे, उसकी दुगुनी संख्या में नए पौधे लगाने का प्रस्ताव है। अगर इन सड़कों के किनारे जगह मिली तो पौधे वहीं लगाए जाएंगे, अन्यथा अन्य खाली जगहों पर पौधरोपण किया जाएगा। 
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