पडरौना। मौसम के उतार-चढ़ाव और बढ़ती ठंड के बीच इन दिनों मेडिकल कॉलेज में तेज बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। हर दिन ओपीडी में 50 से अधिक ऐसे मरीज पहुंचे रहे हैं जो तेज बुखार से पीड़ित हैं। इससे मेडिसिन विभाग में मरीजाें की कतार लग गई है। ऐसे मरीजों को डॉक्टर दवा देने के साथ ही बचाव के उपाय भी बता रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि सर्दी बढ़ने के बाद इस तरह के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों की जांच कराने के बाद कुछ की रिपोर्ट सामान्य आ रही है तो कुछ में टाइफाइड की पुष्टि हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में तेज बुखार से पीड़ित मरीजों के शरीर का तापमान 103 से 104 डिग्री तक रह रहा है। इससे उन्हें बुखार के साथ कमजोरी की भी शिकायत हो रही है। ऐसी स्थिति में मरीज व उनके परिजन लापरवाही न बरतें। समय रहते डॉक्टर की परामर्श लेकर दवा शुरू करें।
मेडिकल कॉलेज में बृहस्पतिवार को 1116 मरीज ओपीडी में उपचार कराने पहुंचे थे। इसमें सर्वाधिक मरीजों की संख्या मेडिसिन विभाग में देखने को मिली। वहीं, हड्डी रोग विभाग में भी जोड़ों के दर्द आदि से परेशान मरीज उपचार कराने पहुंचे थे। मेडिसिन विभाग के डॉ. उपेंद्र चौधरी ने बताया कि तापमान में गिरावट होने से रात के वक्त गलन भरी ठंड पड़ रही है। इसके चलते लोगों की सेहत पर भी इसका असर पड़ रहा है। पिछले तीन-चार दिनों से उनकी ओपीडी में ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं जो तेज बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। कंपकंपी के साथ बुखार के कारण लोग कमजोरी भी महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लोग सेहत को लेकर सतर्कता बरते।
ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहने और कंपकंपी लगने पर अलाव के पास बैठे। आवश्यकता न हो तो घर से बाहर निकलने से बचे। खासकर यह मौसम बच्चों से लेकर बुजुर्गाें तक के लिए ठीक नहीं है। बुजुर्गों को सर्दी में अक्सर सांस की समस्या का सामना करना पड़ता है। जबकि, बच्चों में निमोनिया का खतरा बना रहता है। डॉ. चौधरी ने बताया कि तेज बुखार के जो मरीज आ रहे हैं, उनके शरीर का तापमान 103 से 104 डिग्री तक रह रहा है। एहतियात के तौर पर जब मरीजों की जांच कराई जा रही है तो कुछ लोग टाइफाइड से पीड़ित भी मिल रहे हैं। तेज बुखार के कारण ही शरीर में दर्द के साथ लोगों को कमजोरी महसूस हो रही है। ऐसे मरीजों को दवा देने के साथ ही आराम करने और ठंड से बचने की सलाह दी जा रही है।
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ठंड से करें बचाव :
-सुबह-शाम पर्याप्त गरम कपड़े पहनें।
-गुनगुने गरम पानी का सेवन करें।
-फ्रीज में रखे पानी या सामान का सेवन बिल्कुल भी न करें।
-बाहर का कुछ भी खाने-पीने से परहेज करें।
-घर व आसपास साफ-सफाई रखें।
-सुबह ठंड कम होने पर ही टहलने जाएं।