कहीं एक्सरे मशीन खराब तो कहीं डॉक्टर नदारद
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर समय से अपने कक्ष में नहीं पहुंचते डॉक्टर
- मरीजों को करना पड़ता है इंतजार, अस्पताल परिसर में घूमते रहते हैं कुत्ते
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों का सही ढंग से इलाज नहीं हो पा रहा है। ओपीडी में मरीज डॉक्टर का इंतजार करते रहते हैं। बुखार और डायरिया के मरीज भी रेफर कर दिए जा रहे हैं।
कसया प्रतिनिधि के अनुसार शनिवार दोपहर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ओपीडी में कई डॉक्टर नहीं बैठे थे। सीएचसी अधीक्षक भी नहीं थे। महिला डॉक्टर के इंतजार में मरीज इधर-उधर घूम रहे थे। ओपीडी काउंटर में 12.35 बजे तक 155 ओपीडी की पर्ची कटी थी। इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ. मारकंडेय चतुर्वेदी ने बताया कि ओपीडी करने के बाद अस्पताल परिसर में ही मौजूद थे।
दुदही प्रतिनिधि के अनुसार मठिया माफी गांव निवासी विरेंद्र शनिवार को सुबह दस बजे दुदही सीएचसी में इलाज के लिए पहुंचे। डॉक्टर ने एक्सरे कराने की सलाह दी। दो घंटे तक एक्सरे टेक्नीशियन का इंतजार किए। टेक्नीशियन के आने के बाद जनरेटर के लिए डीजल मंगाया गया। उसके बाद एक्सरे हो सका।
आयुष डॉक्टर के भरोसे महिलाओं का इलाज :
मथौली बाजार प्रतिनिधि के अनुसार मोतीचक विकासखंड के मथौली बाजार में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिलाओं का इलाज आयुष चिकित्सक के भरोसे है। यहां तैनात एक अन्य महिला चिकित्सक एक नवंबर को त्यागपत्र देकर जा चुकी हैं। कई डॉक्टर नदारद मिले। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सूर्यभान कुशवाहा की कुर्सी खाली थी। उन्होंने बताया मैं क्षेत्र में हूं। बाकी अस्पताल के कर्मचारी आयुष्मान कार्ड के संबंध में बैठक कर रहे हैं। डॉ. विनोद कुमार गुप्ता रात में ड्यूटी किए हैं, जबकि डॉक्टर अमन आकस्मिक अवकाश पर हैं।
दो डॉक्टर मौजूद रहे, एक की कुर्सी खाली : कुबेरस्थान प्रतिनिधि के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुबेरस्थान में तीन चिकित्सकों की तैनाती हैं, जिनमें प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रजनीश कुमार श्रीवास्तव एवं डॉ. एसपी गुप्ता अपने कक्ष में मरीजों को देखते पाए गए। डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि डॉ. रवि भूषण सिंह काउंसलिंग में गए हैं।
नहीं हो सका एक्सरे, दवाएं भी पर्याप्त नहीं
डिबनी बंजरवा। तमकुहीराज सीएचसी के इमरजेंसी वार्ड में पैरामेडिकल स्टॉफ मौजूद मिले। विशुनपुरा गांव निवासी बिंदू देवी ने बताया खून जांच और एक्स-रे कराने सीएचसी आई थी, लेकिन जांच नहीं हो सकी। कौवापट्टी निवासी हरेंद्र पटेल ने बताया कि डॉक्टर ने दवा लिखी। उसमें से केवल तीन दवाइयां ही सीएचसी में उपलब्ध थीं। सुमही संग्राम निवासी सुमन देवी ने बताया कि 11 वर्षीय पुत्री के इलाज के लिए आई हैं। वह कफ से पीड़ित है, लेकिन एक्स-रे नहीं हो सका। फार्मासिस्ट पवन कुमार मिश्र ने बताया कि कुछ दवाएं अभी उपलब्ध नहीं है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित राय ने बताया कि एक्स-रे मशीन खराब है। जिले से टेक्निशियन आए थे। अभी मशीन ठीक नहीं हो पाई है। जल्दी ही ठीक कराकर मरीजों को समस्या से निजात दिलाई जाएगी।
बेड के नीचे आराम फरमाता मिला कुत्ता
सलेमगढ़। तरयासुजान पीएचसी में डॉ. सुनील यादव अपने कार्य में तल्लीन मिले। यहां दवा वितरण कक्ष भी खुला मिला। वार्ड में बेड के नीचे कुत्ता आराम फरमाता मिला। वहीं, ग्राम पंचायत सलेमगढ़ में स्थित पीएचसी डॉक्टर और फार्मासिस्ट विहीन है। एक वार्ड ब्वॉय के भरोसे ही पीएचसी संचालित है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील यादव ने बताया कि सलेमगढ़ में शीघ्र ही डॉक्टर और फार्मासिस्ट की तैनाती हो जाएगी।