एनएचएम संविदा कर्मियों के कार्य बहिष्कार से टीकाकरण और गांव से लेकर कस्बा तक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
175 आरोग्य मंदिर के सीएचओ व 400 एएनएम, 100 डॉक्टर व अन्य स्टाफ हड़ताल पर
900 एनएचएम संविदा कर्मचारियों में 400 एएनएम, 175 सीएचओ, 100 से अधिक डॉक्टर व अन्य कर्मी शामिल
पडरौना। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर जनपद के करीब 900 संविदा कर्मचारी पूर्ण कार्य बहिष्कार कर धरने पर हैं। हड़ताल के चौथे दिन शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय के सामने कर्मियों पर धरना जारी रहा। संविदा कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से कई आरोग्य मंदिर व एएनएम सेंटरों पर ताला लग गया है। इससे स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है और मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन समेत कई मांगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारी चौथे दिन भी हड़ताल पर रहे। संविदा कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से टीबी कार्यक्रम, आरबीएसके कार्यक्रम, एएनएम, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट, डॉटा ऑपरेटिंग, टीकाकरण व जांच आदि का कार्य प्रभावित हो रहा हैं। करीब 900 एनएचएम संविदा कर्मचारी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इसमें 400 एएनएम, 175 सीएचओ सहित 100 से अधिक डॉक्टर, परामर्श कोऑर्डिनेटर, डॉटा एंट्री ऑपरेटर आदि शामिल हैं।
जिले में करीब 205 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं। उनमें से करीब 175 सामुदायिक चिकित्सा अधिकारी (सीएचओ) हड़ताल पर हैं, इनमें से करीब 25 सीएचओ लखनऊ में चल रहे धरने में शामिल होने गए हुए हैं। इससे आरोग्य मंदिरों पर ताले लगे हुए हैं। इसके चलते मरीजों को नजदीकी सीएचसी व पीएचसी पर उपचार के लिए जाना पड़ रहा है। वहां भी तैनात एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल से मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इसके आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) टीम की तरफ से स्कूल में चलाए जाने वाला जागरूकता कार्यक्रम आदि ठप पड़ गए हैं।
लिपिकीय संविदा कर्मचारी भी हड़ताल पर
जिले में एनएचएम (नेशनल हेल्थ मिशन) संविदा कर्मियों की हड़ताल के चलते आरोग्य मंदिरों व एएनएम सेंटरों पर स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित हो गई हैं। ऐसे में इन केंद्रों पर मरीजों व लोगों को बिना उपचार व टीकाकरण के ही लौट जाना पड़ रहा है। एनएचएम के जिला परामर्शदाता गुणवत्ता आश्वासन डॉ. रोहित कुमार ने बताया कि संघ के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर आशुतोष मिश्रा, अमित राय, कमल पांडेय, मनोज राय, संतोष यादव सहित 25 संविदा कर्मियों का समूह लखनऊ धरने में चला गया है।
सुखरी छपरा आरोग्य मंदिर में ताला
पकवा इनार। कुशीनगर के वार्ड नंबर-21 बुद्ध नगरी में जन आरोग्य मंदिर का शुक्रवार को ताला लटका हुआ मिला। इलाज कराने के लिए पहुंचे मरीजों को वापस लौट जाना पड़ा। वार्ड के रहने वाले श्रीकृष्ण चौरसिया ने बताया कि आरोग्य मंदिर पर इलाज के लिए गया था, लेकिन वहां ताला बंद होने के कारण इलाज नहीं हो पाया है। हरेंद्र पाठक ने बताया कि आरोग्य मंदिर पर कई दिनों से ताला लटका हुआ है। इसलिए यहां पहुंच मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। संवाद
टीकाकरण व एनसीडी कार्यक्रम प्रभावित
कसया। एनएचएम संविदा कर्मियों के हड़ताल पर रहने से सीएचसी कसया की देखरेख में संचालित 11 जन आरोग्य मंदिर और 32 एएनएम सेंटरों से होने वाले टीकाकरण व एनसीडी का कार्य प्रभावित हो गया है। सभी 10 जन आरोग्य मंदिरों पर ताला लगा हुआ है। वहीं 32 एएनएम में से 14 एएनएम सेंटरों पर भी ताले लटक रहे हैं। सिर्फ 18 एएनएम के सहारे टीकाकरण व एनसीडी कार्यक्रम चल रहा है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. मारकंडेय चतुर्वेदी ने बताया कि संविदा कर्मियों के समानांतर नियमित स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से सेवाएं सुचारु ढंग से चल रहा है।
टीकाकरण व मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
उजारनाथ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्यकर्मियों के पूर्ण कार्य बहिष्कार से ग्रामीण क्षेत्रों में पीएचसी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और एएनएम सेंटरों पर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पहुंचने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर गर्भवती महिलाओं, बच्चों के टीकाकरण और नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए आने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्रामीण क्षेत्र की सेंदुरिया, लोहलनगड़ी, मोगलपुरा, सपही, करमैनी, चंद्रौटा, जवार भैंसहा, भेलया के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।
पीएचसी व सीएचसी में मरीजों को राहत
सुकरौली। क्षेत्र के सीएचसी देवतहां व पीएचसी सुकरौली में एनएचएम संविदा कर्मियों के हड़ताल के बीच मरीजों को ओपीडी में डॉक्टरों ने मरीजों का इलाज किया। उन्हें पर्ची पर लिखी दवाएं मुफ्त में दी गईं। हालांकि देवतहां सीएचसी पर कर्मियों के हड़ताल का कुछ असर दिखाई दिया। सीएचसी प्रभारी डॉ. अमित ने बताया कि नियमित कर्मियों से स्वास्थ्य सेवाएं चालू हैं, किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। वहीं शुक्रवार को इलाज कराने के लिए पहुंचे पड़री गांव के रमाशंकर, पिपरा के सोनू, देवतहा के रवि ने बताया कि कोई दिक्कत नहीं हुई। ओपीडी में बैठे डॉक्टर ने पर्ची पर मौसमी बीमारियों से बचाव व इलाज किए। संवाद
इलाज के लिए पीएचसी करमैनी पहुंची तो वहां कोई नहीं मिला। ऐसे में बिना उपचार कराए ही वापस लौटना पड़ा है। महकमे को अस्पतालों पर जल्द से जल्द टीकाकरण के लिए वैकल्पिक प्रबंध करना चाहिए ताकि बच्चों व गर्भवती महिलाओं की परेशानी कम हो सके।
-सरिता देवी, सेंदुरिया
क्षेत्र के आरोग्य मंदिर पर ताला लटका हुआ है। इसलिए मरीजों को मुफ्त में मिल रहा परामर्श व सर्दी, खांसी, जुकाम, सिरदर्द का इलाज नहीं हो पा रहा है। मजबूर होकर पीएचसी व सीएचसी जाना पड़ रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बंदोबस्त किया जाना चाहिए।
-जहरा खातून, मोगलपुरा
कोट:-
एनएचएम संविदा कर्मियों के हड़ताल को देखते हुए नियमित स्वास्थ्य कर्मियों से सेवाएं ली जा रही हैं। इमरजेंसी और अन्य जरूरी सेवाएं चालू रखी गई हैं। सरकारी कर्मचारियों को आवश्यक सेवाएं सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं। जहां से कोई दिक्कत सामने आ रही है, वहां व्यवस्था किया जा रहा है, ताकि मरीजों व तीमारदारों की परेशानी दूर हो सके।
-डॉ. चंद्रप्रकाश, सीएमओ कुशीनगर