पडरौना शहर के सुभाष चौक पर लगा जाम। संवाद
पडरौना। शहर में यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए तीन प्रमुख सड़कों को वन-वे किए जाने से एक हिस्से में लोगों को जाम से राहत मिली है। हालांकि, मुख्य मार्गों और बाजार क्षेत्रों में स्थिति अब भी नहीं सुधरी है। अतिक्रमण, सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहन और यातायात के दबाव से लोगों को अब भी जाम से जूझना पड़ रहा है।
शहर के धर्मशाला रोड, मेन बाजार और नौकाटोला मार्ग समेत तीन मार्गों पर वन-वे व्यवस्था लागू होने के बाद वाहनों की आवाजाही के लिए निर्धारित दिशा तय हो गई है। इससे आमने-सामने वाहनों के फंसने और सड़क पर अनावश्यक जाम में कमी आई है। खासकर, व्यस्त समय में इसका असर देखने को मिल रहा है। राहगीरों और वाहन चालकों का कहना है कि पहले जिन सड़कों पर थोड़ी दूरी तय करने में भी काफी समय लग जाता था, वहां अब आवागमन अपेक्षाकृत आसान हुआ है।
वहीं, दूसरी तरफ सुभाष चौक, रामकोला रोड और जिला मुख्यालय पर अतिक्रमण यातायात व्यवस्था में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। दुकानों के आगे सामान फैलाने से लेकर पटरियों पर ठेले और वाहनों की पार्किंग से सड़क की चौड़ाई कम हो जा रही है। ऐसे में थोड़ी देर के लिए भी यातायात का दबाव बढ़ते ही जाम लग जाता है।
शहरवासियों का कहना है कि वन-वे व्यवस्था के साथ मुख्य मार्गों से अतिक्रमण हटाने और बेतरतीब पार्किंग पर सख्ती की जाए, तो जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है। फिलहाल शहर का एक हिस्सा राहत महसूस कर रहा है, जबकि बाकी इलाकों के लोगों को पूरी तरह निजात का इंतजार है।
यातायात निरीक्षक अश्वनी कुमार राय ने बताया कि शहर के अत्यधिक व्यस्त मार्गों पर वन व्यवस्था लागू कर दी गई है। रेलवे ढाला और गंडक नहर पुल के पास लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए रस्सी लगाकर अस्थाई व्यवस्था कराई गई है। शहर के जाम से स्थाई रूप से निजात मिल सके इसके लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता चल रही है। बहुत शीघ्र सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।