पडरौना। चुनाव आयोग की तमाम कोशिशों के बाद भी बहुत से लोग वोट नहीं डाल सके। शहर के तीन हजार से अधिक लोगों का मतदाता सूची से नाम गायब होने से वे अपने मताधिकार से वंचित रह गए। वोट न डाल पाने का मलाल उनके चेहरे पर साफ झलक रहा। निर्वाचन व्यवस्थाओं को कोसते नजर आए। शहर के चर्चित चिकित्सक ने सिस्टम पर सवाल खड़ा एक्स पर वीडियो अपलोड किया है। शहर के सभी बूथों पर वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने से वोटरों की बीएलओ से तकरार हुई। सुरक्षाकर्मियों के हस्तक्षेप से किसी तरह मामला शांत हुआ।
शहर के गोस्वामी तुलसीदास इंटर कॉलेज में 277 से 282 तक बूथ बनाया गया था। इन पर करीब 3500 वोटरों के नाम की सूची थी। करीब 1110 वोटरों का नाम मतदाता सूची में नहीं था। बूथ पर अपने बेटे के साथ तनीज फातमा पहुंचीं, लेकिन मतदाता सूची में नाम नहीं होने से लौटना पड़ा। ओंकार वाटिका के ओंकार पांडेय के परिवार के पांच लोगों का नाम सूची से गायब था। उदित नारायण डिग्री कॉलेज के बूथ पर पहुंचे लाजपत नगर निवासी धर्मेंद्र गुप्ता, नरेंद्र, मनोज जितेंद्र, गुड़िया, पुनीता समेत 300 से अधिक मतदाताओं को दोपहर 2 बजे तक बिना मतदान किए बूथों से लौटना पड़ा। महाराजा हेमचंद विक्रमादित्य कालोनी निवासी कृष्णावती देवी, एस जायसवाल, आदित्य कसौधन, शीला देवी, उज्ज्वल गुप्ता, अनीता गुप्ता नगर के जूनियर हाईस्कूल पर मतदान करने गए थे, लेकिन नाम नहीं होने से लौट गए। जगदीशपुरम काॅलोनी के डॉ. संदीप अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि 18 साल की उम्र से अब तक किसी भी मतदान से वंचित नहीं था। लेकिन, इस बार मतदाता सूची से नाम ही गायब कर दिया गया है। मतदान नहीं करने का मुझे काफी तकलीफ है। बीएलओ भी सीधे मुंह बात नहीं कर रहे हैं। इसकी शिकायत मैंने निर्वाचन आयोग से की है। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के बूथों पर भी मतदाता सूची से नाम गायब होने और नाम में गड़बड़ी के चलते कई लोग वोट नहीं दे सके। पीठासीन अधिकारी बीएलओ की गड़बड़ी बताकर बूथ से लौटा दे रहे थे। शहर के बीएलओ प्रभुनाथ पांडेय ने बताया कि मेरी तरफ से कोई गलती नहीं है। हमने सभी मतदाताओं का फार्म जमा कर दिया था। मेरे पास इसका रिकाॅर्ड भी है। इसकी जानकारी मैंने उच्चाधिकारियों को दे दी है।
मतदाताओं ने जताई नाराजगी
फोटो है।
सुकरौली। लोकसभा चुनाव के लिए शनिवार को मतदान के लिए पहुंचे कई मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से गायब था। ऐसे मतदाताओं ने नाराजगी जताते हुए घर चले गए।
सुकरौली बूथ संख्या 172 पर मतदान करने आए प्रज्ज्वल और प्रियांशु शुक्ला का नाम मतदाता सूची में नहीं था। इसी तरह क्षेत्र के परसिया गांव के बूथ संख्या 181 पर मतदान करने आए अमरजीत भारती और धनेश का नाम भी वोटर लिस्ट में नहीं था। इन लोगों ने नाराजगी जताते हुए बिना मतदान किए घर चले गए।
फोटो है
वोटरलिस्ट की गड़बड़ी से परेशान रहे मतदाता
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। लोकतंत्र के महापर्व में शनिवार को कुशीनगर विधानसभा के कसया नगर में वाेटर लिस्ट में नाम नहीं आने से काफी परेशान रहे। लोगों का आरोप था कि बीएलओ के मनमाने रवैया से नाम कट गया है। तो वही कुछ लोगों का नाम सही रहा तो पिता का नाम गलत था। फोटो भी काफी मतदाताओं का इधर उधर था। मतदाता एजेंटाें के पास चक्कर लगाते हुए दिखाई दिए।
नगर के पंड़ित दीन दयाल नगर निवासी मंजूर खान के फैमिली का नाम नहीं था। उनके पत्नी और तीन बेटो और एक बेटी में केवल एक बेटे हाफिज का नाम था। बाकी बूथ पर परेशान होकर चले गए।ग्यासुददीन ने बताया कि फोटो किसी और का नाम मेरा था। एनूदीन ने बताया कि मेरा नही है। सैफ अली ने बताया कि मेरी एक बहन और दौ भाई और दो भाभीयों का नाम नही आया है । हम लोग कई बार फार्म भरके भेजे उसके बावजूद भी नाम नही आया है। मुन्नी देवी का नाम कट जाने से निराश होकर लौटी। इस तरह से सैकड़ो लोगों का नाम कटने की शिकायत थी।
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शहर से ज्यादा गांव के लोगों में मतदान में दिखा उत्साह
कसया। पास इलाकों में मतदान केंद्रों पर सुबह शाम मतदाता उमड़े , जबकि दोपहर में सन्नाटा रहा। वहीं मिश्रित और मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों में मतदान को लेकर ज्यादा उत्साह दिखाई दिया। यहां दिनभर कतार लगी रही। दोपहर में भी लोग बूथों पर पहुंचे और मतदान किया। कुशीनगर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान के लिए काफी उत्साह दिखाई दिया। गांव में लोगों की मतदान की कतार सुबह से ही लंबी लगनी शुरु हो गई जो पूरा दिन तक चला। लेकिन वही मतदान शहरों में सुबह लोग एकाएकी निकलते दिखाई दिया। विधानसभा के टेकुआटार , रामबर बुजुर्ग, गोबरही, अहिरौली राजा,पतया,परेवाटाा नरकटिया बुजुर्ग, खड्डा, नटवलिया, भठही बाबू में सुबह से ही मतदान करने के लिए लंबी लाइन मतदाताओं की देखने को मिली। वही उसके अपेक्षा नगरपालिका परिषद कुशीनगर के वार्डों में मतदान की कतार में लोगों की लंबी लाइन नही देखने को मिली। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि मतदान को लेकर ग्रामीण क्षेत्र में काफी उत्साह रहा।