हाटा। क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी को तंग करने के मामले में मां जब कोतवाली में शिकायत करने पहुंची तो पुलिस वीआईपी ड्यूटी में उलझी थी। तहरीर के आधार पर उसने कार्रवाई नहीं की। इस बीच तनाव में आई किशोरी ने खुदकुशी कर ली।
इसके बाद पुलिस घर पहुंची और गांव में डेरा डाल दी। अगर मां की ओर से मिली तहरीर के आधार पर पुलिस सक्रिय हुई होती तो शायद बिटिया मौत को गले नहीं लगाई होती। मौत के बाद बेटी के शव से लिपटकर मां रोने लगी। इसके पूर्व खेत में गई किशोरी से गांव के एक युवक ने दुष्कर्म किया था और दोस्तों से वीडियो बनवा लिया था।
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर किशोरी को बार-बार बुलाता था और गलत कार्य के लिए दबाव डालता था। युवक की इस करतूत से सदमे में आई किशोरी ने पूरी कहानी मां को बताने के बाद खुदकुशी कर ली। शनिवार को जिले में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का कार्यक्रम था। पुलिस वीआईपी ड्यूटी में लगी थी।
सुबह करीब आठ बजे किशोरी की मां कोतवाली पहुंची और पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि गांव का एक युवक बेटी को परेशान कर रहा है और अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दे रहा है। इससे बेटी तनाव में है। महिला ने बताया कि कोतवाली में मौजूद पुलिसकर्मियों का कहना था कि आज बड़े साहब वीआईपी ड्यूटी में गए हैं, अगले दिन 10 बजे आना। वापस महिला घर पहुंची तो उसकी नाबालिग बेटी पंखे में फंदे से झूलती मिली।
शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंचे और पुलिस भी पहुंच गई। शव से लिपटकर रो रही मां का आरोप था कि थाने तक जाने पर वीआईपी ड्यूटी की व्यस्तता थी, लेकिन बेटी ने खुदकुशी कर ली तो दरवाजे तक कुछ ही मिनट में पुलिस पहुंच गई। अगर उसी समय पुलिस मामले को गंभीरता से ली होती तो शायद बेटी आत्मघाती कदम नहीं उठाई होती।
वहीं घटना के बाद से आरोपी घर छोड़कर भाग गए हैं। मां ने बताया कि शुक्रवार की रात उसकी बेटी पूरी कहानी बताकर रोने लगी। इसके बाद सुबह होते ही वह थाने पर फरियाद लेकर गई, तब तक किशोरी मौत को गले लगा ली। कसया सीओ कुंदन सिंह ने बताया कि थाने पर पुलिस मौजूद रहती है। अगर महिला कोतवाली गई और उसकी तहरीर पर कोई सुनवाई नहीं हुई तो यह गंभीर विषय है। इसकी जांच कराई जाएगी।