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गुलनाज फातिमा की मेहनत पर ‘साहबाें’ ने फेरा पानी

Wed, 06 Jan 2016 11:40 PM IST
अमर उजाला/कुशीनगर
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पिपरा बाजार (कुशीनगर)। उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी और इंटरमीडिएट कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही के कारण बड़हरा गांव की गुलनाज फातमा मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान पाने से वंचित रह गई।
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इतना ही नहीं, तय समय सीमा में पत्र नहीं मिलने के कारण गुलनाज को प्रोत्साहन राशि के रूप में हासिल चेक की वैधता समाप्त हो गई है।
अब गुलनाज और उसके परिवार के लोगों की समझ में नहीं आ रहा कि कॉलेज प्रशासन की लापरवाही की किससे शिकायत करें।
बुधवार को विशुनपुरा ब्लॉक अंतर्गत श्रीमती रजली देवी इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रधानाचार्य ने गुलनाज फातमा को उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी की ओर से जारी प्रशस्ति पत्र और 5100 रुपये का चेक प्रदान किया।
चेक के साथ मिला पत्र पढ़कर गुलनाज का मन खिन्न हो गया।
पत्र के मुताबिक अकादमी की ओर से बीते सात अक्तूबर को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित सम्मान समारोह में गुलनाज को शामिल होना था।
पर वक्त से इसकी सूचना नहीं मिलने से वह समारोह में शरीक ही नहीं हो सकी। गुलनाज ने वर्ष 2015 में माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित हाईस्कूल परीक्षा पास की है। उर्दू विषय में उसने कुल 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।
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उर्दू अकादमी के नियमों के मुताबिक इस विषय में जिला में सर्वाधिक अंक पाने वाले विद्यार्थी को प्रशस्ति पत्र और 5100 रुपये प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के सचिव की ओर से बीते नौ नवंबर को गुलनाज फातमा के नाम लिखे पत्र में सात अक्तूबर को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित सम्मान समारोह में उनके किसी कारणवश शामिल नहीं होने का उल्लेख किया गया है और प्रोत्साहन राशि का छह अक्तूबर 2015 को जारी चेक संलग्न है, जिसकी वैधता तीन माह की थी।
श्रीमती रजली देवी इंटरमीडिएट कॉलेज में अकादमी की ओर से भेजा गया रजिस्ट्री पत्र 26 नवंबर को सौंप दिया गया, लेकिन पूरे 40 दिनों तक कॉलेज प्रबंधन को गुलनाज फातमा को पत्र देना याद नहीं रहा।
गुलनाज ने बताया कि बुधवार की सुबह उन्हें कॉलेज से बुलावा आया। प्रधानाचार्य ने प्रशस्तिपत्र और चेक दिया तो अच्छा लगा, लेकिन सचिव का हस्ताक्षरित पत्र पढ़ने के बाद मन मसोसकर रह जाना पड़ा, क्योंकि मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होने का अवसर नहीं मिला।
छह भाई-बहनों में छोटी गुलनाज अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद अध्यापक बनना चाहती हैं। गुलनाज के बड़े भाइयों मोहम्मद आमिर और मोहम्मद अकमल ने कहा कि उनकी बहन मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होने का मौका तो चूक ही गई, प्रोत्साहन राशि का चेक भुनाने की नई समस्या खड़ी हो गई।
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इस बाबत डीआईओएस का कहना है कि पत्र और सूचना सीधे उर्दू अकादमी की ओर विद्यालय को मिली होगी। उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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