जीएसटी : सिर्फ नौ ग्राम पंचायतों ने कराया पंजीकरण, लगेगा जुर्माना
पडरौना। ढाई लाख से अधिक की आपूर्ति लेने वाले सरकारी विभागों को जीएसटी में पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया है, लेकिन 1003 ग्राम पंचायतों में सिर्फ नौ ने ही पंजीकरण कराया है। डीएम और सीडीओ की तरफ से सभी ग्राम पंचायतों का पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया है, लेकिन इसमें कोई तेजी नहीं आ रही है। शीघ्र पंजीकरण न कराने पर इन पर जुर्माना लगा दिया जाएगा।
सरकारी विभाग भी जीएसटी के दायरे में आ गए हैं, लेकिन उसकी अदायगी नहीं की जा रही है। जबकि ढाई लाख रुपये से अधिक की आपूर्ति लेने वाले समस्त विभागों के लिए जीएसटी में पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
जीएसटी लागू होने के बाद से जनपद में अब तक तीन नगरपालिका, नौ नगर पंचायत, 14 ब्लॉक और नौ ग्राम पंचायतों ने ही जीएसटी ली है, जबकि एक अक्तूबर 2018 से पंजीकरण कराने की व्यवस्था शुरू कर दी गई थी। जीएसटी में पंजीकरण न कराने वाले विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ वाणिज्य कर विभाग 20 हजार रुपये तक के अर्थदंड की नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है।
निजी संस्थानों की भांति सरकारी विभागों में भी जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। जिले के समस्त सरकारी विभागों के आहरण-वितरण अधिकारियों को वेबसाइट पर अपना जीएसटी पंजीकरण कराना है। ढाई लाख रुपये तक की आपूर्ति पर टीडीएस की कटौती कर भुगतान करना होता है। इसके लिए विभागों को पैनकार्ड आहरण-वितरण अधिकारी के पदनाम से बनवाना होता है।
वाणिज्य कर विभाग के मुताबिक जनपद के समस्त आहरण-वितरण अधिकारी, बीडीओ, नगरपालिका, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत, पीडब्ल्यूडी, कार्यदायी संस्थाएं और अन्य विभागों को जीएसटी नंबर लेना अनिवार्य है, लेकिन जीएसटी लागू होने से लेकर अब तक सिर्फ 102 अधिष्ठानों ने पंजीकरण कराया है। जबकि जिले में 1003ग्राम पंचायतों सहित अन्य विभाग हैं, जिनका पंजीकरण नहीं हुआ है। विभाग की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट जीएसटी डॉट जीओवी डॉट इन पर ऑनलाइन पंजीकरण किया जा सकता है।
डीएम और सीडीओ जारी कर चुके हैं पत्र
डीएम ने बीते तीन अगस्त को जिले के सभी आहरण-वितरण अधिकारियों को पत्र भेजकर टीडीएस की कटौती किए जाने एवं जीएसटीआर-7 रिटर्न दाखिल करने का निर्देश दिया था। ऐसा न करने वालों पर अर्थदंड लगाए जाने की चेतावनी दी थी। इससे पहले पांच मई को सीडीओ अनुज मलिक ने बीडीओ, सभी ईओ और आहरण वितरण अधिकारियों को जीएसटी में पंजीकरण कराने का निर्देश दिया था।