पडरौना। कुशीनगर जिले में राजनैतिक जमीन मजबूत करने आ रहे कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी की खाट चौपाल में मैत्रेय परियोजना के लिए अधिग्रहीत की गई 800 एकड़ जमीन के मामले पर चर्चा होगी। 10 साल से इस अधिग्रहण को निरस्त कराने की लड़ाई लड़ रहे गोवर्धन गौड़ ने इसके लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। कांग्रेस की तरफ से उन्हें खाट चौपाल के लिए बुलावा मिल चुका है।
भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में उनकी 500 फिट ऊंची कांस्य प्रतिमा लगाने के लिए वर्ष 2002 में कुशीनगर से सटे 800 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की गई थी। सिसवां, डुमरी, बेलवा पलकधारी सिंह, अनिरुद्धवां, सबयां, कसया आदि गांव की इन जमीनों के अधिग्रहण के विरोध में भूमि बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलन शुरू हो गया। लगातार आंदोलन के चलते वर्ष 2013 में प्रशासन ने कुशीनगर से सटे 273 एकड़ जमीन पर ही परियोजना स्थापित करने का निर्णय लिया। परंतु इसके बाद शेष बच रही 527 एकड़ जमीन पर से अधिग्रहण समाप्त करने की मांग को लेकर आंदोलन चलता रहा। जिला प्रशासन ने इस 273 एकड़ में से 200 एकड़ जमीन पिछले दिनों मैत्रेय परियोजना ट्रस्ट को हैंडओवर करा दिया। 73 एकड़ जमीन के करीब 83 काश्तकारों ने हाईकोर्ट में मुकदमा दाखिल कर रखा है। मंगलवार को कुशीनगर के लीलावती स्टेडियम में आयोजित खाट चौपाल में राहुल गांधी के सामने इस मुद्दे पर चर्चा होगी। इसके लिए कांग्रेस पदाधिकारियों ने भूमि बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष गोवर्धन गौड़ से संपर्क किया है और वे इसके लिए अपनी तैयारियों में भी जुट गए हैं।
धर्मशाला में हुआ था मैत्रेय के लिए समझौता
पडरौना। अफगानिस्तान में तालिबान विद्रोहियों ने भगवान बुद्ध की 200 फीट ऊंची प्राचीन प्रतिमा को तोड़ दिया था। इससे आहत बौद्ध धर्मावलंबियों ने भारत में भगवान बुद्ध की 500 फीट ऊंची प्रतिमा लगाने का निर्णय लिया था। इसके लिए उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह और मैत्रेय ट्रस्ट के बीच हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला शहर में तिब्बती बौद्ध धर्म गुरु दलाईलामा की मौजूदगी में एक समझौता हुआ था। इसमें तय हुआ कि परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार निशुल्क जमीन उपलब्ध कराएगी, जिस पर मैत्रेय ट्रस्ट अपने खर्च से मूर्ति स्थापना और स्थल के विकास का कार्य करेगी। ट्रस्ट की तरफ से यहां मैत्रेय बुद्ध की प्रतिमा, ध्यान केंद्र, अस्पताल और स्कूल विकसित करने का लक्ष्य है।