खड्डा। थानाक्षेत्र के विशुनपुरा गांव में रविवार की रात व्यासमुनि के घर में ढ़िबरी से आग लग गई। आग की लपटें देख घर में मौजूद लोग आननफानन में घर के बाहर निकलकर शोर मचाने लगे। इसी बीच घर के अंदर रखे गैस सिलिंडर में विस्फोट हो गया।
इससे भगदड़ मच गई। विस्फोट से किसी को कोई चोट नहीं लगी। हालांकि आग से एक पशु की मौत हो गई। शोर सुन मौके पर पहुंचे लोगों ने किसी तरह से आग बुझाया। आग लगने से घर में रखे सारे सामान जल कर नष्ट हो गए।
खड्डा थानाक्षेत्र के ग्रामसभा विशुनपुरा में व्यासमुनि के फूस के घर में रविवार को आधी रात में उजाले के लिए जलाकर रखी गई ढ़िबरी की लौ से आग लग गई। घटना के समय घर में मौजूद लोग सो रहे थे और नींद खुलने पर आग की लपटें देख घर में मौजूद लोग शोर मचाते हुए बाहर भाग गए।
आग बुझाने की कोशिश ही चल रही थी कि घर में रखे गैस सिलिंडर में विस्फोट हो गया। इससे घर के बाहर मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। गनीमत थी कि विस्फोट से किसी को चोट नहीं लगी। हालांकि आग लगने से एक पशु की मौत हो गई। जब तक लोग आग बुझा पाते, घर में रखे सारे सामान जलकर नष्ट हो गए।
गैस सुरक्षा बीमे से मिल सकती है क्षतिपूर्ति
हादसों के समय क्षतिपूर्ति के लिए गैस कंपनी की ओर से 10 लाख रुपये का बीमा कराए जाने का नियम है, जिसकी प्रीमियम गैस एजेंसी की तरफ से अदा की जाती है। रसोई गैस से हादसा होने की स्थिति में उपभोक्ता इस बीमे से क्षतिपूर्ति पाने का हकदार होता है। इसके लिए घटना होते ही उपभोक्ता को थाने में प्राथमिक सूचना दर्ज कराने के बाद गैस कंपनी से क्लेम की मांग करनी चाहिए। अगर गैस सुरक्षा से जुड़े सारे मानक उपभोक्ता पूरे कर रहा हो तो वो होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति पाने का अधिकारी होता है। नुकसान के मुताबिक क्षतिपूर्ति की राशि 10 हजार से लेकर 10 लाख तक हो सकती है। नुकसान आंकने के लिए बीमा कंपनी के प्रतिनिधि हादसे वाली जगह का मुआयना कर अपनी रिपोर्ट देते हैं।