खड्डा। वाल्मीकिनगर बैराज से नदी में पानी का डिस्चार्ज दो लाख क्यूसेक के करीब पहुंचने से गंडक का जलस्तर चेतावनी बिन्दु से 51 सेमी ऊपर पहुंच गया है। हालांकि, इस बढ़ोतरी से तटबंध और बाढ़ प्रभावित गांव में फिलहाल बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। कुछ दिनों से गंडक नदी के नेपाली क्षेत्र में पहाड़ियों पर हो रही बारिश के चलते नदी में पानी का बढ़ाव बना हुआ है। बुधवार को भारत नेपाल सीमा स्थित वाल्मीकि गंडक बैराज से सुबह आठ बजे 1,58,900 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। वह शाम पांच बजे बढकर 1,77,800 क्यूसेक हो गया। इसके चलते खड्डा क्षेत्र के भैंसहा गेज पर जलस्तर में बढोतरी दर्ज की गई। बुधवार की सुबह आठ बजे जलस्तर चेतावनी बिंदु से 45 सेमी ऊपर 95.45 मीटर था। इसमें दोपहर दो बजे मामूली गिरावट हुई तो जलस्तर 95.43 मीटर पर आ गया। इसके बाद फिर बढोतरी हुई और शाम पांच बजे जलस्तर 95.51 मीटर तक पहुंच गया। राहत की बात यह है कि इतने जलस्तर से छितौनी तटबंध सहित बाढ़ प्रभावित मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर, सालिकपुर, महदेवा आदि गांव पर कोई खतरा नहीं है। इसके बावजूद नदी के अचानक उग्र रूप अख्तियार करने से लोग चिंतित हैं कि पता नहीं कब नदी में बाढ़ आ जाएगी।