पहली ही बरसात में गंडक चेतावनी बिंदु के पार, पांच गांव पानी से घिरे
संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा(कुशीनगर)। लगातार हो रही मानसूनी बारिश और नेपाल द्वारा गंडक में पानी छोड़े जाने से नदी उफना गई। मंगलवार रात दस बजे वाल्मीकि नगर बैराज से नदी में 3.03 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। लगातार पानी छोड़े खड्डा क्षेत्र के पांच गांव नदी के पानी से घिर गए हैं। वहीं नदी का जलस्तर भैंसहा गेज पर चेतावनी बिंदु से 50 सेंटीमीटर ऊपर चला गया। तमकुहीराज क्षेत्र के पिपराघाट में इसका असर बुधवार को दिखेगा।
गंडक नदी के वाल्मीकिनगर बैराज से सोमवार को नदी में 45 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पानी बढ़ने पर मंगलवार को अचानक ज्यादा पानी छोड़ा जाने लगा। सुबह छह बजे ही नदी में एक लाख, सुबह 10 बजे एक लाख 47 हजार, दोपहर 12 बजे एक एक लाख 83 हजार, दोपहर दो बजे दो लाख , शाम चार बजे दो लाख 64 हजार, शाम छह बजे 2.80 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
अचानक बढ़े जलस्तर का असर खड्डा विकास खंड के गंडक नदी के बायीं तरफ बसे गांव मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर व नरायनपुर पर दिखने लगा है। मरचहवा गांव के निचले इलाके तक पानी पहुंच गया है।
मरचहवा के ग्राम प्रधान इजहार अंसारी, शिवपुर के ग्राम प्रधान आनंद कुशवाहा, नरायनपुर के प्रधान नरसिंह, हरिहरपुर के प्रधान प्रतिनिधि हीरामन आदि ने बताया है कि नदी का जलस्तर जिस तेजी से बढ़ रहा है उसे देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि रात तक गांव में पानी भर जाएगा। तहसीलदार डॉ. एसके राय व नायब तहसीलदार रवि यादव ने नदी किनारे भ्रमण कर हालात की जानकारी ली।
एसडीएम खड्डा अरविन्द कुमार ने बताया की नदी के जलस्तर बढ़ने व बारिश से स्थिति प्रतिकूल हो गई है। बाढ़ प्रभावित गांवों पर सतत नजर रखी जा रही है। नाव के इंतजाम सहित सभी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं। ग्राम प्रधानों व क्षेत्रीय लेखपाल से संपर्क कर हर स्थित की जानकारी ली जा रही है।
वहीं बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता महेश कुमार सिंह का कहना है कि गंडक के बढ़े जलस्तर से अभी फिलहाल कहीं किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है। बढ़ते जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।