नरवाजोत बांध से सटकर बहती गंडक नदी। संवाद
तमकुहीरोड। गंडक नदी के जलस्तर में अभी भी उतार चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। शुक्रवार को डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक के आस पास था। शनिवार को बढ़ कर 1.24 लाख क्यूसेक पहुंच गया। जिससे नदी का भारी दबाव और कटान का खतरा पिपराघाट के नरवाजोत बांध पर लगातार बना है। आशंका है कि कभी भी नदी कटान तेज कर सकती है। लोगों का कहना है कि नदी बांध के पास जिस तेजी से बैकरोलिंग कर रही है। वह बांध की सुरक्षा के लिए कभी भी खतरनाक हो सकता है। ऐसे में बांध के किनारे बसे गांवों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। सेवरही क्षेत्र में नरवाजोत एक्सटेंशन से अहिरौलीदान तक साढ़े सत्रह किलो मीटर की लंबाई में गंडक नदी बहती हैं। लेकिन पिछले एक पखवाड़े से नदी पिपराघाट के नरवाजोत बांध के किमी 0.500 से किमी 1.000 के बीच के हिस्से के लिए खतरनाक बनी हुई है। नदी यहां कटान करके बांध को काफी नुकसान पहुंचा चुकी है। बांध के पास नदी के बैकरोलिंग जारी रहने से यहां कई बार बचाव कार्य का बड़ा बड़ा हिस्सा नदी मे धंस चुका है।