बारिश शुरू होते ही पिपराघाट को बाढ़ से बचाने के लिए चल रहे सड़क निर्माण का कार्य प्रभावित होने लगा है।
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तमकुहीरोड। बारिश शुरू होते ही गंडक नदी में पानी बढ़ने लग है। इससे पिपराघाट ग्रामसभा को बाढ़ से बचाने के लिए चल रहे सड़क निर्माण का कार्य प्रभावित होने लगा है। कार्यस्थल तक पानी पहुंच जाने की वजह से निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार के साथ-साथ गांव के लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
सेवरही ब्लॉक के गांव पिपराघाट के पास नदी के किनारे बंधा नहीं है। यहां पहले बनी पीडब्ल्यूडी सड़क ही बंधे का कार्य करती थी। पिछले साल नदी ने इस सड़क के अधिकांश हिस्से को काट दिया था। इससे पिपराघाट गांव की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। इसको लेकर वहां आंदोलन शुरू हो गया था।
उच्चाधिकारियों के मौका मुआयना के बाद शासन ने 42.53 करोड़ रुपये की लागत से यहां नये सिरे से सड़क निर्माण की स्वीकृति दी थी। पिछले सप्ताह ही लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग की तरफ से एक साथ सड़क और बांध निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। परंतु बुधवार की रात अचानक गंडक नदी में पानी बढ़ने लगा। सुबह कार्यस्थल तक पानी पहुंच गया।
इससे कार्य करा रहे ठेकेदार की मुश्किलें बढ़ गईं। वहीं बरसात तेज होने से पहले कार्य पूर्ण नहीं होने की आशंका से आसपास के गांवों के लोगों की चिंता भी बढ़ गई। लोगों का कहना है कि अगर एक महीने में कार्य पूर्ण नहीं हुआ तो क्षेत्र को बाढ़ की विभिषिका से बचाना मुश्किल होगा।
लोगों का मानना है कि अगर यह कार्य दो-तीन महीना पहले शुरू हुआ होता तो बाढ़ की चिंता से लोगों को मुक्ति मिल चुकी होती। इस संबंध में बाढ़ खंड के एसडीओ कृपाशंकर भारती का कहना है कि कार्य और तेजी से कराया जाएगा। पूरा प्रयास होगा कि बरसात तेज होने से पहले सड़क व बंधे के निर्माण का कार्य पूरा हो जाएगा।