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गहमागहमी के बीच अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित

Tue, 10 Apr 2018 12:03 AM IST
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
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मौजूद पुलिस। - फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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पडरौना।  चाक चौबंद व्यवस्था के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश राणा के खिलाफ सोमवार को अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया।  सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश राणा के पक्ष में जहां 31 वोट डाले, वहीं अविश्वास प्रस्ताव लाने वालों के पक्ष को 33 वोट पड़े। इसके लिए पुलिस और प्रशासन की तरफ से सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया था। 
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बीते 15 मार्च को जिला पंचायत के कई सदस्यों ने डीएम से मिलकर जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस सौंपी थी। विपक्ष के सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष पर मनमानी और उपेक्षा का आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान की मांग की थी। जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश राणा ने भी डीएम के सामने सदस्यों की परेड कराकर बहुमत का दावा किया था। तब डीएम ने इस मामले में फ्लोर टेस्ट कराने का निर्णय लिया, जिसकी तारीख नौ अप्रैल मुकर्रर थी।       

दो दिन पहले चार जिला पंचायत सदस्यों की सदस्यता खत्म कर दी गई, क्योंकि उनके गांव नगरपालिका क्षेत्र में शामिल हो गए हैं। उसके बाद बचे 64 जिला पंचायत सदस्यों के जरिए अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया सोमवार को सुबह दस बजे जिला पंचायत के सभागार में शुरू हुई। इसमें जिला जज के प्रतिनिधि के तौर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिमन्यु सिंह तथा नोडल अधिकारी डीपीआरओ राघवेंद्र कुमार द्विवेदी भी मौजूद थे। दोपहर सवा एक बजे तक हुई वोटिंग में जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश राणा के पक्ष में 31 सदस्यों ने वोट किया, जबकि उनके खिलाफ वोट करने वालों की संख्या 33 थी।
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डीएम आंद्रा वामसी और एसपी अशोक कुमार पांडेय ने जिला पंचायत कार्यालय पहुंचकर व्यवस्था का जायजा लिया। सीडीओ देवीदास, एडीएम कृष्णलाल तिवारी, एएसपी हरिगोविंद, अपर मुख्य अधिकारी अमित राज सिंह, सीओ खड्डा नवीन कुमार सहित कई अफसर कार्यालय के बाहर व्यवस्था संभाले हुए थे। कई सीओ और एसओ के साथ पुलिस के जवान भी जिला पंचायत के बाहर तैनात रहे। 

हरीश राणा ने अविश्वास प्रस्ताव के समय जिला प्रशासन पर गड़बड़ी किए जाने का आरोप लगाया। सदस्यों को जबरदस्ती अपने साथ ले जाने और वोटिंग के समय यहां लाने की बात कही। उनका आरोप था कि दोनों खेमे का वोट 32-32 से बराबरी पर हो सकती थी, लेकिन डीपीआरओ की मनमानी के चलते उन्हें हार का सामना करना पड़ा।  
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