रामकोला। मंगलवार को रामकोला स्थित चीनी मिल पर अस्वीकृत गन्ना लेकर पहुंचे किसानों का गन्ना लेने से इंकार किए जाने पर लोगों ने हंगामा किया।
किसानों के साथ पहुंचे भाजपा के पूर्व विधायक मदन गोविंद राव किसानों की समस्याओं का समाधान करने की मांग को लेकर मिल के समक्ष धरने पर बैठ गए।
इससे करीब तीन घंटे तक मिल में गन्ने की पेराई का कार्य ठप रहा। बाद में मिल प्रबंधन की ओर से 18 फरवरी से गन्ना लिए जाने का आश्वासन दिए जाने पर धरना समाप्त हुआ।
चीनी मिल की तरफ से अस्वीकृत गन्ना नहीं खरीदे जाने से नाराज किसान मंगलवार को मंगलवार को रामकोला मिल पर पहुंच गए और हंगामा करने लगे। कुछ किसान अपना गन्ना लेकर चीनी मिल आये थे जिसे तौल नहीं किया जा रहा था। इसको लेकर पूर्व विधायक मदन गोविंद राव मिल के समक्ष धरने पर बैठ गए।
उनका कहना था कि किसानों की समस्याओं से डीएम से लेकर केन विभाग के अधिकारियों तक को अवगत कराया जा चुका है। हंगामा और धरना शुरू होने से मिल में गन्ने की पेराई का कार्य ठप हो गई। इसकी जानकारी जब चीनी मिल के उपाध्यक्ष एमए कुरैशी को हुई तो उन्होंने पूर्व विधायक से किसानों की समस्याओं के बारे में बात की। बातचीत के दौरान मिल के उपाध्यक्ष ने किसानों का अस्वीकृत प्रजाति का गन्ना 18 फरवरी से लिए जाने का आश्वासन दिया।
आश्वासन मिलने पर करीब तीन घंटे बाद धरना समाप्त हुआ। इसके बाद मिल में पेराई चालू हुई। इस मौके पर ब्रह्मा शंकर चौधरी, संतोष जायसवाल, उमेश तिवारी, दिनेश यादव, भानू यादव, अवधेश सिंह आदि मौजूद रहे।