पडरौना। सेवरही ब्लॉक की ग्राम पंचायत सरया खुर्द में सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। एक जून को स्थलीय निरीक्षण में खुलासा हुआ कि गांव में आरओ वाटर प्लांट लगाने के नाम पर 7 लाख 18 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया, जबकि मौके पर सिर्फ एक चबूतरा बना है। प्लांट कहीं नहीं लगा है। जांच में बात सामने आई कि बिना काम 7.03 लाख रुपये ठेकेदार के खाते और 14 हजार रुपये कंसल्टिंग इंजीनियर के खाते में भेजे गए हैं। डीपीआरओ ने ग्राम प्रधान, सचिव और इंजीनियर से एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा है। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि स्वच्छ पेयजल के लिए लगाए गए आरओ वाटर प्लांट की हकीकत जानने के लिए बीत एक जून को सेवरही ब्लॉक की सरया खुर्द पंचायत की जांच की गई। जांच के समय गांव के ग्राम प्रधान और सचिव भी मौजूद थे। उनकी मौजूदगी में हुई जांच के दौरान जिस स्थान पर आरओ प्लांट लगना था, वहां प्लांट का नामोनिशान नहीं था। सिर्फ एक चबूतरा बनाकर काम छोड़ दिया गया था, जबकि सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक इस कार्य पर कुल 7,18,513 रुपये का भुगतान हो चुके थे। गहन जांच के दौरान पता चला कि बिना आरओ प्लांट स्थापित किए ही भुगतान कर दिया गया। मेसर्स बिन्दु कंस्ट्रक्श एंड आल सप्लायर्स के खाते में 7,03,929 रुपये और अमानुल्लाह अंसारी, कंसल्टिंग इंजीनियर के खाते में 14,584 रुपये भेजे गए हैं। इससे स्पष्ट है कि प्रधान, सचिव और कंसल्टिंग इंजीनियर ने मिलकर अनियमित तरीके से धनराशि का गबन किया है। डीपीआरओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गांव के ग्राम प्रधान व सचिव सचिव के अलावा कंसल्टिंग इंजीनियर को स्पष्टीकरण जारी कर एक सप्ताह के भीतर साक्ष्य समेत लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उनके विरुद्ध विधिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।