पडरौना। मंगलवार को जिले के 150 सेंटरों पर यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा शुरू हो रही है। सवा लाख परीक्षार्थियों वाले इस जनपद में 15 परीक्षा केंद्र ऐसे हैं, जहां नकल रोकने के लिए स्पेशल मजिस्ट्रेट तैैनात किए गए हैं। इनमें से छह सेंटर अति संवेदनशील और नौ सेंटर संवेदनशील हैं। इनके अलावा 25 से अधिक सेंटर ऐसे हैं जिन्हें किसी श्रेणी में तो प्रशासन ने नामित नहीं किया है लेकिन वे इस जिले तो क्या पड़ोस के दूसरे जनपदों में भी नकल के लिए बदनाम हैं।
जिले में 16 राजकीय व 55 वित्तपोषित समेत कुल 293 माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें से इस बार 150 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इन केंद्रों पर हाईस्कूल के 72776 और इंटर के कुल 49112 परीक्षार्थी हैं। नकल रोकने के लिए इस बार प्रशासन ने उन्हीं कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाने की नीति बनाई थी जहां सीसीटीवी कैमरा लगा हो। हालांकि माध्यमिक शिक्षा विभाग ने कई ऐसे कॉलेजों को भी सेंटर बनाया था जहां बहुत दबाव के बाद जाकर सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है। परीक्षा की निगरानी के लिए छह सचल दल बनाया गया है। जिले के सभी एसडीएम अपने तहसील क्षेत्र के सुपर जोनल मजिस्ट्रेट बनाये गए हैं। इसके अलावा सात जोनल मजिस्ट्रेट और 10 सेक्टर मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं।
परीक्षा संबंधित जानकारी आदान-प्रदान करने और विषम परिस्थित से निपटने के डीआईओएस कार्यालय में 24 घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूप की स्थापना की गई है। परंतु यह सारी कवायद के बाद भी नकल रोकना आसान नहीं लग रहा। शिक्षा माफियाओं ने मनमाफिक व्यवस्था के लिए कक्ष निरीक्षकों की तैनाती से लेकर अन्य व्यवस्थाओं के लिए पूरा जोर लगा रखा है।