अहिरौली बाजार/मथौली। परिषदीय विद्यालयों में बृहस्पतिवार को मीना जन्मोत्सव के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर बालिकाओं को शिक्षा, सुरक्षा, स्वच्छता, आत्मरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, नुक्कड़ नाटक, जागरूकता गीत और प्रतियोगिताओं के माध्यम से बालिका शिक्षा व महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया।
अहिरौली बाजार क्षेत्र के पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय मगडीहा में आयोजित कार्यक्रम में मीना मंच की छात्राओं ने नारी सशक्तीकरण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक और जागरूकता गीत प्रस्तुत किए। बीईओ डॉ. प्रभात चंद्र राय ने कहा कि मीना मंच बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त माध्यम है। पढ़ी-लिखी बेटी समाज और देश के भविष्य को बदल सकती है, इसलिए अभिभावकों को बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
कार्यक्रम में मेरे सपनों का भारत सेवा संकल्प अभियान के तहत मीना जन्मोत्सव के साथ चित्रकला समेत विभिन्न प्रतियोगिताएं कराई गईं। छात्राओं का सामूहिक रूप से जन्मदिन भी मनाया गया। केक काटने के बाद छात्राओं को टॉफी और मिठाई वितरित की गई। नोडल शिक्षिका मनोरमा त्रिपाठी ने रंगोली व चित्रकला प्रतियोगिता के माध्यम से छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन विजय कुशवाहा व मनोरमा त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से किया।
प्रधानाध्यापक विजय प्रकाश तिवारी ने आभार जताया। इस दौरान एआरपी मोहम्मद सलीम अली, प्रवीण शुक्ल, दिलीप कुमार, विनोद सिंह, अंजनी नंदन द्विवेदी, त्रियुगी सिंह, नसरीन जहां, शैलेश उपाध्याय, सरिता श्रीवास्तव, नीतू, इंदु देवी आदि मौजूद रहीं।
इसी तरह मथौली क्षेत्र के मंगलपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में भी मीना जन्म दिवस मनाया गया। विद्यालय प्रबंध समिति की अध्यक्ष मुन्नी देवी ने कार्यक्रम की शुरुआत की। छात्र-छात्राओं ने मीना का जन्मदिन केक काटकर मनाया। इस दौरान बालिका शिक्षा, बाल विवाह, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और समाज में महिलाओं की भूमिका जैसे विषयों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। मीना मंच के तहत कविता, स्लोगन, निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित हुई।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। प्रभारी प्रधानाध्यापक मोलई प्रसाद प्रजापति ने बताया कि मीना एक काल्पनिक पात्र है, जो जिज्ञासु, साहसी और सकारात्मक सोच वाली लड़की के रूप में बालिकाओं को प्रेरित करती है। मीना अपनी सूझ-बूझ से सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वास को चुनौती देने का संदेश देती है। ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं में जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से विद्यालयों में मीना मंच संचालित किया जा रहा है।