मंसाछापर। जटहा गांव में 11 दिन बाद भी तेंदुआ नहीं पकड़ा जा सका। पिंजरे में भी तेंदुआ फंस नहीं रहा है। बुधवार को दो रेंजरों की टीम गांव में पहुंची और कांबिंग कर लोगों को सतर्क किया। तेंदुए के पदचिह्न की माप ली गई। अब तेंदुए को पकड़ने के लिए दूसरी जगह पिंजरा लगाया गया। टीम अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेगी। गांव वाले पशुओं को अंदर बांध रहे हैं।
जटहा गांव में पिछले रविवार की देर रात को बांस की कोठी में बैठा तेंदुआ दिखा था। ग्रामीणों ने तेंदुआ का फोटो और वीडियो भी वायरल किया था। क्षेत्र लोग दहशतजदा हो गए। वन विभाग की टीम लगातार कांबिंग शुरू कर दी। तेंदुए की तलाश में रेंजर, वरिष्ठ वन दरोगा की अगुवाई में दिन और रात कांबिंग कर जा रही है। तेंदुआ प्रतिदिन अलग, अलग जगहों पर दिखाई देने लगा, जिसके बाद लोगों में खौफ होता था। तेंदुआ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाकर उसमें बकरी बांधी गई, लेकिन वह भी काम नहीं आ सका।
पिछले पांच दिनों से पिंजरा लगा रहा लेकिन तेंदुआ उसमें नहीं फंस सका। ग्रामीणों के मुताबिक कई जानवर और नीलगायों को भी अपना शिकार तेंदुआ बना चुका है। हालांकि दो दिन दिनों से तेंदुआ दिखा नहीं।
बुधवार को रेंजर तमकुही, रेंजर हाटा की अगुवाई में वन विभाग की टीम पहुंची और ग्राम प्रधान मोहन कुशवाहा सहित ग्रामीणों के साथ तेंदुए की तलाश शुरू की। तेंदुआ को पकड़ने के लिए पिंजरा को अब दूसरे जगह लगाया जाएगा, जिस जगह नीलगाय को उसने अपना शिकार बनाया था।