-तीन घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ा गया दुर्लभ सांप, वन विभाग ने जंगल में छोड़ा
-तीन दशक में तीसरी बार पकड़ा गया है, विषैला नहीं होता, फुफकार से डराता है
संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा। बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के समीप वाल्मीकि नगर के टंकी बाजार निवासी मनोज गुप्ता के घर में सांप घुस गया। सांप के फुफकार से घर से लोग बाहर निकल गए। इसकी जानकारी होने पर गांववालों की भीड़ जुट गई। इसकी जानकारी लोगों ने वन विभाग को दिया।
स्नेक स्केचर मणि भूषण, अमरेश चौधरी मौके पर पहुंचे और सांप को पकड़ने की कोशिश में जुट गए। तीन घंटे की मशक्कत के बाद जब सांप काबू में आया तो वे हैरान रह गए। स्नेक स्केचर मणिभूषण की माने तो अत्यंत दुर्लभ प्रजाति का सांप वन सुंदरी (कापर हेडेड ट्रिंकेड) है। तीन दशकों में तीसरी बार यह मिला है।
इस बाबत प्रभारी वनपाल आजाद कुमार ने बताया कि दुर्लभ श्रेणी का सांप मिला है। इसे रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया गया है। चूंकि वनक्षेत्र, रिहायशी क्षेत्रों से सटे होने के कारण वन्यजीवों का विचरण हो जाता है। ग्रामीणों से अपील है कि सतर्क और सजग रहें।
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वन सुंदरी सांप दुर्लभ की श्रेणी में शामिल
इस प्रजाति के सांप दुर्लभ श्रेणी में शामिल हैं। इसका सिर काॅपर (तांबा ) की तरह दिखाई देता है। यह तुरंत अपना रंग बदल लेता है। खतरा होने पर यह अपने मुंह को फूलाकर, तेज आवाज में फूफकारता है। इसकी सुंदरता के चलते वन सुंदरी नाम से भी जाना जाता है। यह छोटे कीट पतंगे, छिपकली, पक्षियों, मेढक आदि को अपना आहार बनाता है। यह जहरीला नहीं होता है। इनकी लंबाई पांच फीट से ज्यादा होती है। यह एक बार में 15 अंडे देते हैं।