पडरौना। महंगाई और 500-1000 रुपये के नोट पर पाबंदी से मुश्किल में घिरे मरीजों के घरवालों को खून चढ़वाने पर भी करीब ढाई गुना शुल्क चुकाना पड़ेगा। चाहे वह मरीज मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल या निजी अस्पताल में ही क्यों न भर्ती हो। खून की कमी से जूझ रहे अपने परिवार के सदस्य की जिंदगी बचाने के लिए तीमारदारों को अब इस बेतहाशा शुल्क वृद्धि की मार भी झेलनी पड़ेगी।
इंसेफेलाइटिस, कैंसर, डेंगू, कालाजार सहित विभिन्न बीमारियों, प्रसव के बाद खून की कमी और बड़ी दुर्घटनाओं की हालत में डॉक्टर अस्पताल में भर्ती मरीज को खून चढ़ाने की सलाह देते हैं। समय पर खून न मिलने की दशा में मरीज की मौत भी हो जाती है। सरकारी ब्लड बैंकों में खून के बदले खून देने का प्रावधान है, लेकिन इस दशा में भी शासन ने पीड़ितों पर महंगाई की बोझ लाद दिया है। सचिव, उत्तर प्रदेश शासन ने प्रदेश भर के ब्लड बैंकों के प्रभारी और स्वास्थ्य महकमे के अफसरों को प्रोसेसिंग शुल्क में हुई वृद्धि की जानकारी दी है। उनके मुताबिक सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिए राजकीय ब्लड बैंक में होल ब्लड पर 400 रुपये प्रति यूनिट प्रोसेसिंग शुल्क था, जिसे बढ़ाकर 1050 रुपये प्रति यूनिट कर दिया गया है। पैक्ट रेड सेल्स पर 400 रुपये प्रति यूनिट शुल्क को बढ़ाकर 1050 रुपये प्रति यूनिट, फ्रेश फोजन प्लाज्मा का शुल्क 200 रुपये प्रति यूनिट से बढ़ाकर 300 रुपये प्रति यूनिट, रैंडम डोनर प्लेटलेट्स कंसंट्रेट 200 रुपये प्रति यूनिट से बढ़ाकर 300 रुपये प्रति यूनिट और क्रायोप्रेसिपिटेट पर प्रोसेसिंग शुल्क 100 रुपये प्रति यूनिट से बढ़ाकर 200 रुपये प्रति यूनिट कर दिया गया है।
इसी तरह निजी या चैरिटेबल ब्लड बैंकों में होल ब्लड पर 1450 रुपये प्रति यूनिट, पैक्ट रेड सेल्स पर 1450 रुपये, फ्रेश फोजन प्लाज्मा 400 रुपये, रैंडम डोनर प्लेटलेट्स कंसंट्रेट 400 रुपये और क्रायोप्रेसिपिटेट पर 250 रुपये प्रति यूनिट प्रोसेसिंग शुल्क निर्धारित किया गया है। हालांकि ब्लड बैंक में रक्तदान करने वालों को कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा।
कोट
शासन ने जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए खून चढ़ाने अथवा ब्लड बैंक से रक्त लेने पर प्रोसेसिंग शुल्क में वृद्धि कर दी है। जिला अस्पताल में होल ब्लड ही चढ़ाने की सुविधा है। उसका शुल्क पहले 400 रुपये प्रति यूनिट था, जिसे शासन ने बढ़ाकर 1050 रुपये प्रति यूनिट कर दिया है। निजी अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए खून बदलने पर भी यह प्रोसेसिंग शुल्क लागू होगा।
डॉ. लालता प्रसाद, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक,
संयुक्त जिला चिकित्सालय।