कुशीनगर। जनपद में एनएच-28 पर स्थित दुर्घटना बहुल पांच प्रमुख चौराहों पर भी फ्लाईओवर बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। कुशीनगर सांसद के प्रयास पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पांच चौराहों पर फ्लाईओवर के निर्माण के लिए 165.48 करोड़ का अनुमानित प्रस्ताव बनाया है। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एनएचएआई के आरओ समर बहादुर सिंह सोमवार को इन स्थलों का निरीक्षण भी कर चुके हैं। यदि फ्लाईओवर इन स्थानों पर बन जाए तो दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
हाटा में गोरखपुर चौराहा और केन यूनियन चौराहा दुर्घटना बाहुल्य स्थल हैं। अभी कुछ दिन पहले ही केन यूनियन तिराहे पर बने क्राॅसिंग को पार करते समय बिरैचा की निवासी स्कूटी सवार 35 वर्षीय सोना देवी को ट्रक ने कुचल दिया था। उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। हाटा नगर के गोरखपुर चौराहे पर सड़क पार कर रहे साइकिल सवार मजदूर को ट्रक ने राैंद दिया था, जिससे थरुआडीह निवासी 58 वर्षीय मोती सिंह की मौत हो गई थी। इस तरह के हादसे इन चौराहों पर अक्सर होते रहते हैं। ऐसे ही फाजिलनगर, पटहेरिया और सलेमगढ़ चौराहा भी काफी संवेदनशील हैं। फोरलेन स्थित इन चौराहों पर भी कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों की जान जा चुकी है। इन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सांसद विजय कुमार दुबे ने केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी से मिलकर फ्लाईओवर बनवाने के लिए सड़क सुरक्षा वार्षिक कार्ययोजना 2023-24 में शामिल किए जाने का अनुरोध किया था, जिस पर इन सड़कों को शामिल कर लिया गया है।
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प्रस्तावित फ्लाईओवर की अनुमानित लागत-
गोरखपुर चौराहा पर- 33.70 करोड़
केन यूनियन चौराहा- 34.64 करोड़
फाजिलनगर चौराहा- 32.51 करोड़
पटहेरिया चौराहा- 33.28 करोड़
सलेमगढ़ चौराहा- 31.35 करोड़
योग- 165.48 करोड़
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फोरलेन पर यह पांच प्रमुख चौराहेे हैं, जहां दुर्घटनाएं अधिक होती हैं। इसलिए इन्हें सड़क सुरक्षा वार्षिक कार्ययोजना 2023-24 में शामिल किया जाना है, ताकि दुर्घटनाएं में कमी आ सके। विभाग के आरओ सोमवार को इन स्थलों का निरीक्षण करके जा चुके हैं। -आईके सिंह, प्रबंधक, हेतिमपुर टोल प्लाजा
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कुशीनगर जनपद के ये पांचों चौराहे दुर्घटना बहुल हैं, लेकिन इन्हें सड़क सुरक्षा वार्षिक कार्ययोजना में शामिल नहीं किया गया था। हमने केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी से अनुरोध कर इसमें शामिल कराया। 165.48 करोड़ की लागत से इन स्थानों पर फ्लाईओवर का निर्माण होगा। इस्टीमेट स्वीकृत होने के बाद टेंडर होगा और फिर निर्माण शुरू होगा। -विजय कुमार दुबे, सांसद, कुशीनगर