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Kushinagar News: फ्लाईओवर निर्माण की रफ्तार सुस्त, 10 माह में महज 10 प्रतिशत काम

Mon, 23 Mar 2026 01:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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हाटा में फ्लाइओवर निर्माण के दौरान बन रही सर्विस लेन। - फोटो : rs pura news
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हाटा। हाटा नगर में फोरलेन पर बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर के निर्माण की रफ्तार बेहद सुस्त पड़ गई है। पिछले 10 महीनों में इस प्रोजेक्ट पर महज लगभग 10 प्रतिशत ही कार्य हो सका है। जबकि, 18 महीने में निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य है। निर्माण की सुस्ती के चलते स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दो माह से सड़क खोद कर छोड़ देने से आसपास के लोगों और राहगीरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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हाटा के बाघनाथ (गोरखपुर) चौराहा और केन यूनियन चौराहा, जिन्हें पहले ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया था, वहां जाम और हादसों से निजात दिलाने के लिए फ्लाईओवर निर्माण की योजना बनाई गई थी। 20 मई 2025 को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा व स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में इसका शिलान्यास किया गया था।

हाटा में बनने वाले इन दोनों फ्लाईओवर पर लगभग 70 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इसमें बाघनाथ (गोरखपुर) चौराहे के लिए करीब 33.70 करोड़ रुपये और केन यूनियन चौराहे के लिए लगभग 34.64 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इतने बड़े बजट के बावजूद निर्माण कार्य की गति बेहद धीमी है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
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लोगों का कहना है कि निर्माण एजेंसी ने फोरलेन हाईवे के दोनों किनारों पर बनी सर्विस लेन को करीब दो माह पहले तोड़ दिया गया था। इसके बाद वहां निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया। सर्विस लेन टूट जाने से सबसे ज्यादा परेशानी हाईवे किनारे रहने वाले लोगों को हो रही है। धूल, गड्ढों और कीचड़ के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। वहीं राहगीरों और वाहन चालकों को भी आए दिन जाम और दुर्घटना का खतरा झेलना पड़ रहा है।
हैरानी की बात यह है कि अभी नाली निर्माण का कार्य पूरा नहीं हो पाया है और उससे पहले ही सर्विस लेन की सड़क को तोड़ दिया गया। बरसात के दौरान जलभराव की स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शुरुआत में निर्माण कार्य को लेकर काफी उम्मीदें थीं, लेकिन अब काम की धीमी गति से निराशा हाेने लगी है। लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी ने सड़क तोड़कर छोड़ दी, लेकिन आगे का काम समय से नहीं किया। राहगीरों का कहना है कि दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है। वहीं दुकानदारों का भी कारोबार प्रभावित हो रहा है।

यदि निर्माण कार्य की गति इसी तरह धीमी रही तो आने वाले समय में स्थानीय लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। खासकर, बरसात के समय जलभराव और खराब सड़कों के कारण हालात और बिगड़ने की आशंका है।
इस संबंध में साइड इंजीनियर चिन्मय दुबे ने बताया कि निर्माण के लिए कुछ पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग से परमिशन मिलने में देरी से कुछ समय अधिक लग रहा है। फिर भी अन्य निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
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