नोनियापट्टी में बड़ी गंडक के किनारे बचाव कार्य में लगे मजदूर।
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नोनियापट्टी में बचाव कार्य का हिस्सा धंसा
सहमे लोग, दुरुस्त कराने में जुटा बाढ़ खंड विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
तमकुहीरोड। अहिरौलीदान के नोनियापट्टी में बाढ़ बचाव के लिए कराए गए कार्य का एक हिस्सा शुक्रवार को धंस गया। बाढ़खंड उस हिस्से को दुरुस्त करने में जुट गया है। लोगों का कहना है कि इस समय डिस्चार्ज कम है और पुख्ता कार्य कराए जाने का यह सही अवसर है।
अहिरौलीदान के नोनियापट्टी और खैरखूटा में इस साल गंडक नदी का सर्वाधिक दबाव रहा है। इसका परिणाम है कि अभी तक कटान का सिलसिला थमा नहीं है। अब तक सैकड़ों हेक्टेयर खेत के साथ 50-60 मकान भी कट चुके हैं। यहां तक कि एपी बांध भी खतरे की जद में है। शुक्रवार सुबह नोनियापट्टी में पूर्व में कराए गए बचाव का एक हिस्सा धंस गया तो लोगों में बेचैनी बढ़ गई। लोगों ने बचाव कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा कर दिया है।
गांव के संजय सिंह, बबलू प्रसाद, गौतम सिंह, रामपूजन, रामाशंकर आदि का कहना है कि बचाव कार्य के नाम पर सिर्फ कोरम पूरा कर सरकारी धन के बंदरबांट का खेल जारी है। यही कारण है कभी कही बचाव कार्य का हिस्सा धंस जाता है तो कभी कही कटान शुरू हो जाती है। गांव के लोगों ने विभाग को चेताया है कि इस समय नदी का डिस्चार्ज काफी कम है और ऐसे में एपी बांध के सभी संवेदनशील जगहों पर पुख्ता कार्य कराकर उसे सुरक्षित बनाया जा सकता है। अगर ऐसा नहीं किया गया तो इसका खामियाजा गांव वालों को भुगतना पड़ सकता है। बावजूद इसके शुक्रवार को भी गंडक नदी के दबाव के चलते बचाव कार्य जारी रहा।