कुशीनगर। रामकोला थाना क्षेत्र के बैरिया गांव के टोला नंदा छपरा गांव निवासी रामाश्रय की लाठी डंडे से पीटकर 1999 में गांव के कुछ लोगों ने हत्या कर दिया था। पुलिस इस मामले में पांच लोगों पर हत्या का केस दर्ज किया था। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय एससीएसटी एक्ट इफराक अहमद की अदालत ने साक्ष्य और गवाहों के बयान के बाद पांचों हत्यारोपियों को उम्रकैद की सजा और अर्थदंड की सजा सुनाई है। रामकोला थाना क्षेत्र के बैरिया गांव के नंदाछपरा टोला निवासी परसन का बेटा रामाश्रय 24 सितंबर वर्ष 1999 की रात को गांव में टीवी देखने के लिए किसी के घर जा रहा था। इस दौरान रास्ते में घेरकर आरोपी छेदी कमकर, रहीमन उर्फ रहिमल, लालू कमकर, कैलाश कमकर, चिधारन उर्फ चिधारु निवासी ग्राम बैरिया टोला नंदा छपरा ने लाठी डंडे से पीटकर हत्या कर दिया। इस मामले में पुलिस ने हत्या का केस पांचों आरोपियोंं पर दर्ज किया। पुलिस ने विवेचना के बाद वर्ष 2003 में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दिया। मुकदमा सत्र परीक्षण में पुलिस की ओर से दिए गए साक्ष्य और गवाहों के बयान के बाद पांचों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा सभी आरोपियों को 21-21 हजार से दंडित किया।