पडरौना। जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में एक सप्ताह में पांच रोगियों में डेंगू की पुष्टि हुई है। तीन रोगियों को दवा देकर डिस्चार्ज किया जा चुका है। दो रोगियों को इलाज किया जा रहा है। बेड पर चादर तक नहीं है। मरीजों को घर से चादर लानी पड़ी है। वार्ड में मौजूद दाई ने बताया कि चादर मिलेगी तो बिछा दी जाएगी। डेंगू के मरीज मिलने से मलेरिया विभाग के अफसरों में खलबली मच गई है।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बुखार, उल्टी दस्त और पेट दर्द के सर्वाधिक मरीज पहुंच रहे हैं। शनिवार को 600 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचे। उनमें 200 से अधिक मरीज बुखार से पीड़ित थे। डॉक्टर उन्हें डेंगू की जांच कराने की सलाह दे रहे हैं। शनिवार को डेंगू वार्ड में पडरौना कोतवाली क्षेत्र के खरसाले बबुनिया गांव निवासी 38 वर्षीय मंसा पटेल भर्ती थे। उन्होंने बताया कि घर से चादर मंगानी पड़ी है। दिल्ली में रहकर काम करते हैं।
बुखार होने पर पांच दिन पहले घर आए। मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो खून की जांच कराई गई। डेंगू की पुष्टि हुई। दूसरे बेड पर पश्चिमी चंपारण के तमकुहवा निवासी 28 वर्षीय ओमप्रकाश भर्ती हैं। मुंबई में काम करते हैं। दस दिन से बुखार आ रहा था। मुंबई में इलाज कराए, लेकिन आराम नहीं होने पर घर चले आए। दो दिन पहले मेडिकल कॉलेज में आए। डॉक्टर की ओर से खून की जांच कराने पर डेंगू की पुष्टि हुई। रात से भर्ती हैं।
नौका टोला के दुर्गेश, पडरौना के प्रिंस समेत तीन डेंगू के मरीजों को इलाज के बाद डॉक्टर ने डिस्चार्ज कर दिया। डॉ. उपेंद्र चौधरी ने बताया कि प्लेटलेट कम होने पर ही डेंगू वाले मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। नहीं तो दवा देकर घर भेज दिया जा रहा है। महानगरों से आने वाले बुखार पीड़ितों की जांच में डेंगू की पुष्टि हो रही है। बाकी बुखार वाले रोगियों का भी प्लेटलेट कम हो रहा है, जो घबराने की बात नहीं है। दवा से आराम हो जा रहा है।