रामकोला। थाना क्षेत्र के दो युवक 60-60 हजार रुपये खर्च कर रामकोला के एक
एजेंट के जरिए ओमान गए। एजेंट ने उन्हें स्टील फीटर का काम दिलाने का भरोसा
दिलाया था,लेकिन वहां पहुंचकर दोनों युवकों को पत्थर तोड़ने पड़ रहे हैं।
दोनों ने घरवालोें से घर वापस बुलाने को कहा है।
वहीं घरवाले उन्हें वापस
बुलाने के लिए एजेंट से संपर्क कर रहे हैं।सेखुई मिश्र गांव निवासी
बृजभूषण शुक्ल के पुत्र गिरधर शुक्ल और सीता गुप्ता के पुत्र नरेश गुप्ता
विदेश जाने के लिए रामकोला के एक एजेंट से मिले।
एजेंट ने उनसे 60-60 हजार
रुपये लिए और स्टील फीटर के ट्रेड से काम दिलाने का भरोसा देते हुए वीजा दे
दिया। 17 दिसंबर को उसने दोनों युवकों को ओमान के रुश्ताक में भेज दिया।
लेकिन
वहां उन युवकों को स्टील फीटर का काम न देकर पत्थर तोड़ने का काम दिया
गया। हाल यह है कि दोनों युवकों के हाथों में छाले पड़ गए हैं।
दोनों ने
मोबाइल फोन से घर पर जानकारी देकर आपबीती बताई।गिरधर के पिता बृजभूषण ने
बताया कि दोनों युवकों के साथ एजेंट ने धोखा किया है। यहां कुछ और कहा था।
वहां दोनों युवक पत्थर तोड़ रहे हैं। वे इस बाबत पुलिस को तहरीर देंगे और
अफसरों से मिलेंगे।
इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक कमला यादव का कहना
था कि इस संबंध में कोई तहरीर नहीं मिली है। यदि तहरीर मिलती है तो केस
दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।