तमकुहीराज। थाना क्षेत्र में हाईवे के किनारे स्थित बनवरिया गांव में सोमवार की रात फंदा लगाकर खुदकुशी करने वाले प्रेमी युगल पहले भी मिलते-जुलते रहे। उनके बीच फोन पर बात भी होती थी। कहा जा रहा है कि पहले युवक ने गले में फंदा लगाकर खुदकुशी की, उसके बाद युवती ने।
बनवरिया गांव में हरिकिशुन की 22 वर्षीय पुत्री लवंग उर्फ रंजू और बिहार के गोपालगंज जिले के गोपालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सोनीपुर निवासी रवि चौहान की लाश एक ही कमरे में मिली थी। युवती का शव फंदे से लटका था, जबकि युवक का शव जमीन पर पड़ा था। उसके गले पर भी रस्सी के निशान थे। पुलिस ने शव को रात में ही पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। मंगलवार को दोनों के शवों का पोस्टमार्टम हुआ। उसके बाद परिजन शवों को अपने साथ लेकर चले गए।
युवक की रिश्तेदारी युवती के पड़ोस में ही थी। इस कारण युवक अक्सर गांव में आता था। युवती के घर भी उसका आना-जाना था। लोगों ने बताया कि युवक महीने में चार-पांच बार इस गांव में आता था और युवती के घर भी जाता था। पड़ोस में उसकी मौसी का घर होने के कारण मिलना जुलना और खाना पीना तक होता था। युवती अक्सर साइकिल से तमकुहीराज की ओर जाती थी और फोन से बातचीत होती रहती थी। कहा जा रहा है कि युवक ने युवती से शादी करने और साथ चलने की जिद की, लेकिन युवती ने बिना घरवालों की रजामंदी के साथ जाने से मना कर दिया। तब तक उसने इंतजार करने को कहा था। सूत्रों की मानें तो युवक अपने घर यह कहकर आया था कि बहू लाने जा रहा हूं। घर की साफ-सफाई और लिपाई-पुताई कर लेना। युवक जब युवती के पास पहुंचा तो युवती इंतजार करने के लिए कहकर बाजार करने तमकुहीराज चली गई। लौटी तो युवक फंदे से लटक चुका था। यह देख युवती आहत होकर दरवाजा बंदकर लिया। इसी दौरान पड़ोस की कुछ युवतियां उसे बुलाने पहुंचीं तो कपड़े बदलने का बहाना बनाया। फंदे से झूल रहे प्रेमी को नीचे उतारकर मांग में सिंदूर लगाकर खुद भी फंदे से झूल गई।
तमकुहीराज थाने के इंस्पेक्टर अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों पक्षों में से किसी ने पुलिस को अभी तहरीर नहीं सौंपी है। प्रधान अलकेंद्र उर्फ़ बबलू यादव की तहरीर के आधार पर दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया।
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-दोनों परिवारों में शिक्षा का है अभाव, गरीबी का प्रभाव
- प्रेमी रवि चौहान करता था राजमिस्त्री का काम, लवंग उर्फ़ रंजू जानती थी नाम लिखना
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीराज। सोमवार की रात करीब आठ बजे एक कमरे में मृत पाए गए प्रेमी युगल बहुत कम पढ़े लिखे थे। प्रेमी रवि चौहान राजमिस्त्री था और टाइल्स लगाने का काम करता था, जबकि लवंग उर्फ़ रंजू केवल नाम लिखना जानती थी।
बताया जाता है कि बिहार के गोपालपुर थाना क्षेत्र के सोनीपुर निवासी राजदेव महतो हिमाचल प्रदेश में मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। उनके दो बेटों रवि और लखन में रवि राजमिस्त्री था। वह टाइल्स लगाने का काम करता था। परिवार गरीबी का दंश झेल रहा है और शिक्षा का अभाव है। लवंग के संपर्क में आने के बाद रवि का काम में मन नहीं लगता था। महीने में करीब चार से पांच दिन बनवरिया गांव में रहता था।
तमकुहीराज थाना क्षेत्र के बनवरिया निवासी हरिकिशुन उर्फ़ हरिचरण भी दैनिक मजदूर हैं। गांव और आस-पास के इलाकों में काम कर परिवार की परवरिश करते हैं। अभी देवरिया के भागलपुर में चल रहे ठेके के काम में व्यस्त हैं। उनकी पत्नी शांति देवी कम पढ़ी लिखी घरेलू महिला हैं। उनकी दो बेटियां और तीन बेटे हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। उसके बाद लवंग उर्फ़ रंजू (22) थी। इसके बाद सागर (20), कैलाश (18) और प्रेम (12) हैं। सागर और कैलाश साथ रहकर बाहर काम करते हैं, जबकि छोटा बेटा प्रेम घर पर रहता है। इस परिवार में शिक्षा का अभाव है। मौसी के घर आने-जाने के दौरान ही युवक-युतती के बीच जान पहचान बनी।