फाजिलनगर में मां और दो बेटियां दम घुटने से हुईं बेहोश, गोरखपुर रेफर
शनिवार की देर शाम मकान में लगी थी आग
संवाद न्यूज एजेंसी
पटहेरवा (कुशीनगर)। फाजिलनगर पुलिस चौकी से सौ मीटर की दूरी पर स्थित इलेक्ट्रिक की एक दुकान में शनिवार की देर शाम लगी आग में पूरा सामान जलकर नष्ट हो गया। इस दुकान की ऊपरी मंजिल पर व्यवसायी का परिवार भी रहता है। अत्यधिक धुएं के चलते दुकानदार की दो बेटियों और पत्नी का दम घुटने से वे बेहोश हो गईं। लोगों ने सीढ़ी लगाकर किसी तरह तीनों को बाहर निकाला। उन्हें फाजिलनगर कस्बे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत चिंताजनक बताते हुए डॉक्टर ने गोरखपुर रेफर कर दिया। करीब एक घंटे बाद अग्निशमन दस्ता पहुंचा और आग बुझाई गई।
काजीपुर गांव के निवासी रमेश गुप्ता की फाजिलनगर पुलिस चौकी से कुछ दूरी पर इलेक्ट्रिक की दुकान है। दुकान उनके निजी मकान में है। ऊपरी मंजिल पर रमेश गुप्ता सपरिवार रहते हैं। शनिवार का दिन होने के चलते दुकानें बंद थीं। शाम को करीब सात बजे अचानक निचली मंजिल से धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। यह देख मौके पर भीड़ जुट गई। लोगों ने आग पर पानी फेंकने का प्रयास किया, लेकिन आग पूरे दुकान को अपनी चपेट में ले ली।
जब लोगों को पता चला कि रमेश गुप्ता का परिवार ऊपर ही घिरा है और धुएं से पूरा मकान भरा है तो सीढ़ी लगाकर दोनों लड़कियों और उनकी पत्नी को बाहर निकाले। इधर, एक घंटा बाद अग्निशमन दस्ता मौके पर पहुंचा। तब तक सबकुछ जल चुका था। आग के विकराल रूप के चलते हाईवे की सर्विस सड़क पर आवागमन बंद रहा। जबकि फायर सर्विस के दूसरे मेन सड़क पर आने के चलते एक मेन सड़क घंटे भर फायर सर्विस के पाइप जाने के चलते बंद रही।
घर में अनुराधा (35), आस्था (7) व आरोही (5) को फाजिलनगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत चिंताजनक बताकर डॉक्टर ने गोरखपुर रेफर कर दिया। फाजिलनगर पुलिस चौकी के प्रभारी राकेश कुमार यादव का कहना है कि धुआं लगने से मां और बेटियां बेहोश हुईं थीं। उनकी हालत ठीक है। तीनों का इलाज चल रहा है।