- परसौनी गांव में चौपाल लगाकर सुनवाई के बाद डीएम ने दिया आदेश - पंचायत सहायक की सेवा समाप्ति व लेखपाल पर होगी विभागीय कार्रवाई
- फाजिलनगर ब्लॉक के ग्राम पंचायत परसौनी में हुए विकास कार्यों में मिली खामियां
पडरौना। फाजिलनगर ब्लॉक के परसौनी गांव के पूर्व ग्राम प्रधान व सचिव सहित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। उनसे शौचालय निर्माण पर हुए खर्च की वसूली भी की जाएगी। यह आदेश जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने शुक्रवार को डीपीआरओ को दिया। वहीं लगातार अनुपस्थित रहने की शिकायत मिलने पर पंचायत सहायक की सेवा समाप्ति का आदेश दिया। वरासत और पैमाइश में लापरवाही बरतने वाले लेखपाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया है।
डीएम उमेश मिश्रा शुक्रवार को परसौनी गांव के पंचायत भवन में चौपाल लगाकर जनसुनवाई कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने गांव में हुए शौचालय व अन्य निर्माण कार्यों की शिकायतों की जांच की। चौपाल में लोगों से वरासत, चकमार्ग, नाली की पैमाइश, अंत्योदय और पात्र गृहस्थी राशन कार्ड में नाम कटने व जोड़ने, खाद्यान्न वितरण, आवास योजना के संबंध में वार्ता की। लोगों को पेंशनरों की सूची पढ़कर सुनाई गई।
137 शौचालय का नहीं हुआ निर्माण
चौपाल में ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत किया कि शौचालय निर्माण में अनियमितता हुई है। इसकी जांच अपर जिला कृषि अधिकारी ने किया था। जांच में कुल 353 शौचालय बनाए जाने थे, लेकिन 137 का निर्माण नहीं हुआ था। बाकी निर्माणाधीन मिले हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने धनराशि अवमुक्त होने के बाद भी शौचालय का निर्माण नहीं होने पर पूर्व प्रधान, सचिव समेत अन्य संबंधित अधिकारियों पर केस दर्ज कराते हुए एफआईआर कराने के लिए जिला पंचायती राज अधिकारी को निर्देश दिया।
पंचायत भवन पर चस्पा होगी पेंशनरों की सूची डीएम ने वृद्धा, विधवा एवं दिव्यांग पेंशनर की सूची को पंचायत भवन पर चस्पा करने का आदेश दिया। साथ ही कैंप लगाकर पात्र पेंशनरों के आवेदन कराने के लिए फाजिलनगर बीडीओ को निर्देश दिया। चौपाल में ग्रामीणों ने वरासत, चकमार्ग और नाली पैमाइश की शिकायत की। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने लेखपाल पर विभागीय कार्रवाई करने के लिए कसया के एसडीएम को निर्देश दिया। उन्होंने अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी के राशन कार्डों में पात्र व्यक्तियों के नाम सूची में जोड़ने के लिए ग्राम पंचायत सचिव को और चकमार्ग एवं नाली की शिकायतों को निस्तारित करने के लिए एसडीएम को निर्देश दिया। चौपाल में परियोजना निदेशक जगदीश त्रिपाठी, डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी, कसया एसडीएम योगेश्वर सिंह, ग्राम प्रधान परसौनी सुरेंद्र राव, ग्राम सचिव शिबू राय, राजस्व लेखपाल कन्हैया यादव आदि मौजूद थे।