न्यायालय सिविल जज न्यायिक मजिस्ट्रेट कसया के आदेश पर हुई कार्रवाई
कुचिया मठिया में जानलेवा हमला, कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी
पिपरा कनक। कुचिया मठिया गांव में हुए जानलेवा हमले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। न्यायालय सिविल जज न्यायिक मजिस्ट्रेट कसया के आदेश पर पटहेरवा थाने में यह कार्रवाई हुई। पुलिस पर महीनों कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली थी।
पीड़ित औरंगजेब (51) ने न्यायालय को बताया कि 8 अगस्त की शाम करीब 7:30 बजे घटना हुई। उसके पड़ोसी जिकरुल्लाह सिद्दीकी (60), सोनिया खातून (58), सुब्बी रानी (20) और एक अज्ञात व्यक्ति घर में घुस आए। उन्होंने गाली-गलौज करते हुए मंसूर आलम के पुत्र को बुलाकर सुब्बी रानी से शादी कराने की मांग की। औरंगजेब, उसकी पत्नी और पिता नजीर ने मंसूर आलम के परिवार से संबंध न होने की बात कही। इस पर आरोपी आग बबूला हो गए और उन्होंने लात-मुक्का, थप्पड़ व डंडे से मारपीट की। जान से मारने की नीयत से धारदार हथियार से औरंगजेब के दाहिने पैर पर प्रहार किया। शोर सुनकर 112 नंबर की पुलिस, गांव के लोग और रिश्तेदारों ने बीच-बचाव किया।
हमले के बाद आरोपियों ने औरंगजेब के घर का चूल्हा, बर्तन, कुर्सी और मेज तोड़ दिए। वे घर से पीला सरसों का बोरा भी उठा ले गए। आरोपियों ने औरंगजेब और उसके परिवार को जान-माल की धमकी दी। घायल औरंगजेब को 108 नंबर एम्बुलेंस से सरकारी अस्पताल ले जाकर उपचार किया गया। सीओ जयंत कुमार यादव ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर पुलिस विवेचना कर रही है।